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JEE-NEET: जानें परीक्षा में किन नियमों का पालन जरूरी, ये हैं प्रोटोकॉल की अहम बातें

JEE-NEET 2020 परीक्षा आयोजन होने में अब 5 दिन बाकी है. परीक्षा का आयोजन 1 सितबंर से होगा. ऐसे में जान लें परीक्षा के दौरान किन नियमों पालन करना होगा और छात्रों की सुरक्षा के लिए NTA ने क्या इंतजाम किए गए हैं.

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प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

JEE Main और  NEET-UG की परीक्षा सितंबर में होगी. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कहा है अब परीक्षा की तारीख में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. छात्र अभी भी NTA के फैसले से खुश नहीं है, वह सोशल मीडिया पर लगातार परीक्षा को स्थगित करने की मांग कर रहे हैं.

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शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, 'हमारे लिए छात्रों की सुरक्षा सबसे अधिहांक महत्वपूर्ण है. छात्रों को ट्रैवल में किसी भी प्रकार की परेशानी न आए, इसके लिए NTA ने ऑप्शनल परीक्षा केंद्र दिए हैं. हमने ऐसी व्यवस्था की है कि हर केंद्र पर लगभग 100 से 150 छात्र होंगे.'

बता दें कि JEE परीक्षा 1 सितंबर से 6 सितंबर तक आयोजित की जानी है. वहीं नीट परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित की जाएगी. ऐसे में अब परीक्षा के आयोजन में कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं. कोरोना महामारी के बीच JEE और NEET परीक्षा को पूरी तरह टच फ्री कराने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी  (NTA) ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP)  जारी कर दी हैं.

यहां विस्तार से जानते हैं, किन नियम का करना होगा पालन

- परीक्षार्थियों को छात्रों को मास्क और ग्लव्स, हैंड सैनिटाइजर दिए जाएंगे.

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- एक साथ छात्रों की भीड़ परीक्षा केंद्र के बाहर जमा न हो जाए, इसके लिए  परीक्षार्थियों को रिपोर्टिंग स्लॉट दिया जाएगा.

- परीक्षार्थियों को पीने के लिए पारदर्शी बोतल लानी होगी. सेंटर से पानी नहीं मिलेगा. इसी के साथ धातु की कोई वस्तु पर पाबांदी है. नकल रोकने के लिए मेटल डिटेक्टर से बिना छुए जांच होगी.

- परीक्षा केंद्र की दीवारों, टेबल-कुर्सी, कंप्यूटर, पंखों को परीक्षा शुरू होने से पहले सैनिटाइज किया जाएगा. पहली बार लाउडस्पीकर का प्रयोग होगा ताकि दूर से ही परीक्षा से जुड़ी जानकारियां समझाई जा सकें. परीक्षा केंद्र में ब्लूटूथ, वाई-फाई की जांच होगी. इसके बाद एनटीए जैमर का प्रयोग करेगा.

- परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों को अंगूठे का निशान नहीं लगाना होगा. उनकी पहचान हस्ताक्षर और लिखावट से होगी. सोशल डिस्टेसिंग को ध्यान में रखते हुए परीक्षार्थियों को दूर-दूर बैठाया जाएगा. पहले एक कमरे में 25 परीक्षार्थी बैठते थे. अब 12 को बैठाया जाएगा.

- सभी स्टाफ सदस्यों और उम्मीदवारों की चेंकिंग थर्मल स्क्रीनिंग से की जाएगी. अगर किसी भी कर्मचारी और उम्मीदवार का तापमान सामान्य तापमान से ऊपर देखा जाता है, वह अलग कमरे में परीक्षा देगा.

- प्रत्येक उम्मीदवार को 'self-declaration certificate'  दिखाना होगा, जिसमें लिखा होना चाहिए उनके अंदर कोरोना वायरस का कोई भी लक्षण नहीं है. साथ ही वह किसी भी कोरोना पॉजीटिव व्यक्ति के संपर्क में नहीं आए हैं.

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- परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते समय, उम्मीदवारों को एक दूसरे से कम से कम 6 फीट की दूरी पर बैठाया जाएगा. इसी के साथ परीक्षकों की कक्षा में घूमने की प्रक्रिया को कम से कम रखा जाएगा.

ये हैं प्रोटोकॉल की सबसे जरूरी बातें

1-  मास्क पहनना जरूरी होगा

2- हाथों में पहनने होंगे दस्ताने

3-  पारदर्शी पानी की बोतल

4- 50 ml का हैंड सैनिटाइजर

5-  परीक्षा से संबंधित डॉक्यूमेंट्स (जैसे- एडमिट कार्ड, ID कार्ट और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स)

6- नकल रोकने के लिए मेटल डिटेक्टर से छात्रों की जांच होगी

7. किसी भी प्रकार की धातु आदि से बने प्रोडक्ट को अपने साथ न लाएं

8- मेटल डिटेक्टर दूर से जांच करेगा, इस दौरान छात्र के सीधे संपर्क में कोई नहीं होगा

9- शौचायल जाने से पहले उन्हें अनुमति लेनी जरूरी होगी.

10- परीक्षा हॉल में करीब 3 फुट चौड़ी टेबल उपलब्ध कराई जाएगी. परीक्षक बिना किसी को छुए उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट्स चेक करेंगे. सिग्नेचर के साथ मैनुअल अटेंडेंस (हाथो में दस्ताने पहनकर) ली जाएगी.

 क्यों होती है JEE- NEET परीक्षाएं

JEE मेन परीक्षा IIT और NIT इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है. परीक्षा एक साल में दो बार, जनवरी और अप्रैल में आयोजित की जाती है. जिसका आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से किया जाता है. बता दें कि NEET UG 2020 परीक्षा पूरे देश में मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है. इस साल भी AIIMS और JIPMER NEET UG के माध्यम से अपना एंट्रेंस कर रहे हैं.

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