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JEE-NEET पर आदित्य ठाकरे ने कहा, कोविड संकट में प्रैक्टिकल नहीं परीक्षाएं, PM को लिखा लेटर

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे आदित्य ने NEET-JEE प्रवेश परीक्षाओं को रद्द करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह करते हुए पत्र लिखा है.

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आदित्य ठाकरे
आदित्य ठाकरे

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कोरोना वायरस महामारी के बीच में JEE- NEET परीक्षाओं के होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पत्र लिखा है.

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उन्होंने महामारी द्वारा पैदा स्वास्थ्य जोखिमों के कारण इन परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग करते हुए पत्र लिखा है. आदित्य ठाकरे ने ट्विटर के माध्यम से सोशल मीडिया पर पत्र पोस्ट किया, जिसमें कहा गया कि इन दौरान  परीक्षा आयोजित करना प्रैक्टिकल नहीं है.

अपने ट्वीट में, उन्होंने लिखा, 'विभिन्‍न streams की प्रस्‍तावित परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं के कारण देशभर के स्‍टूडेंट्स और उनके परिजनों के स्‍वास्‍थ्‍य को होने वाले जोखिम को लेकर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को पत्र लिखा है.

उन्होंने इस वर्ष पूरे शैक्षणिक सत्र को स्थगित करने की भी मांग की गई है. उन्होंने लिखा कि जून / जुलाई 2020 के बजाय जनवरी 2021 से शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत छात्रों के लिए सुरक्षित होगी.

आदित्य ठाकरे ने अपने पत्र में लिखा है कि महाराष्ट्र समेत पूरे देश में कोरोना महामारी का संकट बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में कई विश्वविद्यालय यहां प्रोफेशनल और नॉन प्रोफेशनल परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी में जुटे हैं. मेरे अनुसार अभी परीक्षा का आयोजन ठीक नहीं है.

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आदित्य ने कहा, देश कोरोना वायरस महामारी से लड़ रहा है. वहीं प्रवेश परीक्षा में हर साल लाखों छात्र उपस्थित होते हैं, लेकिन महामारी के बीच परीक्षा आयोजित करने के लिए स्वास्थ्य को जोखिम में डालना सही नहीं है

अब भी कई इलाकों में रेड जोन बने हुए हैं. वहीं यातायात के साधनों की सुविधा पूरी तरह से देश में शुरू नहीं हो पाई है. ऐसे में परीक्षाओं का आयोजन छात्रों की मुसीबत को और भी बढ़ा सकता है.आदित्य ठाकरे के अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा. ममता ने अपील की है कि NEET-JEE की परीक्षाओं को टालने की अपील की गई.

आपको बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने JEE और NEET की परीक्षा के लिए हरी झंडी दे दी है. SC के फैसले से छात्र खुश नहीं हैं. वे लगातार परीक्षा स्थगित करने की मांग  कर रहे हैं, लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), जो इन परीक्षाओं का आयोजन करता है. उसने अब परीक्षा स्थगित करने से साफ मना कर दिया है.  

वहीं अब विपक्ष पार्टी के नेता भी केंद्रीय सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि वह छात्रों की बात ध्यान दें, उनकी बात को नजरअंदाज न करें, क्योंकि ये सभी छात्र देश का भविष्य है.

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क्या है नेताओं की प्रतिक्रिया

सरकार पर हमला करते हुए  पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई पार्टी नेताओं ने सरकार से छात्रों की मांगों को सुनने के लिए कहा. राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा, आज हमारे लाखों छात्र सरकार से कुछ कह रहे हैं. NEET, JEE परीक्षा के बारे में उनकी बात सुनी जानी चाहिए और सरकार को एक सार्थक हल निकालना चाहिए. केंद्र सरकार को NEET, JEE परीक्षा को लेकर छात्रों के मन की बात सुननी चाहिए और एक सार्थक समाधान निकाला जाना चाहिए.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी सरकार से कहा है वह छात्रों की बात पर गौर करे. कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने परीक्षा को  "अन्याय" कहा, और कहा है सरकार को इसका कोई और समाधान निकालना चाहिए''

कब होगी परीक्षा

JEE परीक्षा 1 सितंबर से 6 सितंबर तक आयोजित की जानी है. वहीं NEET परीक्षा 13 सितंबर को होगी.

 

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