एक शख्स ने जब अपनी गर्भवती पत्नी को परीक्षा दिलाने के लिए 1200 किलोमीटर स्कूटी चलाकर सफर तय किया तो उसकी चर्चा पूरे देश में होने लगी. झारखंड के गोड्डा जिले के रहने वाले धनंजय ने ग्वालियर में अपनी पत्नी को मध्यप्रदेश के ग्वालियर में परीक्षा दिलाने के लिए तकरीबन 1200 किलोमीटर का सफर तय किया था. धनंजय की पत्नी का नाम सोनी है. 11 सितंबर को उनकी DEd (डिप्लोमा इन एजुकेशन) की परीक्षा थी.
इतनी दूर स्कूटी से आना धनंजय के लिए आसान नहीं था, क्योंकि उनकी पत्नी गर्भवती हैं. लेकिन वह ये भी नहीं चाहते थे कि कोरोना संकट के वजह से उनकी पत्नी की परीक्षा छूट जाए. ऐसे में उन्होंने स्कूटी से परीक्षा केंद्र पहुंचने की योजना बनाई.
गर्भवती पत्नी के साथ स्कूटी पर करना उनके लिए तकलीफदेह था. परीक्षा होने के बाद उनकी सबसे बड़ी टेंशन ये थी कि वापस 1200 किलोमीटर फिर स्कूटी से घर लौटना पड़ेगा. लेकिन मध्यप्रदेश आए दोनों कपल को अब घर वापसी के लिए फ्लाइट की टिकट दी गई है.
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक झारखंड के इस कपल की कहानी मीडिया में आने के बाद एक कॉर्पोरेट दिग्गज ने उन्हें वापसी यात्रा के लिए जहाज का टिकट दिया है. इसके लिए दोनों कपल ने उनका आभार जताया है. बता दें कि ऐसा पहली बार होगा जब ये दोनों लोग हवाई जहाज की यात्रा करेंगे.
धनंजय ने बताया, हमें ग्वालियर से रांची की हवाई यात्रा का टिकट मिल गया है. यह टिकट 16 सितंबर का है. ग्वालियर से रांची के लिए सीधी उड़ान नहीं है, इसलिए हम दोनों हैदराबाद होकर रांची पहुंचेंगे. इसके बाद रांची से सड़क मार्ग से गोड्डा जाएंगे. इसका इंतजाम गोड्डा के जिलाधिकारी ने किया है.
उन्होंने आगे कहा, मेरी स्कूटी को भी भेजने की व्यवस्था कर दी गई है. वहीं उनका रहने का इंतजाम भी ग्वालियर प्रशासन ने परीक्षा केंद्र के पास कर दिया था. उन्होंने कहा कि गोड्डा में ही कुछ लोगों ने नौकरी की व्यवस्था करने की बात भी कही है.
उनकी पत्नी सोनी ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया, "मैं एक टीचर बनना चाहती हूं. इसके लिए DEd (डिप्लोमा इन एजुकेशन) की परीक्षा दी है. मेरे पति और परिवार ने मुझे बहुत सपोर्ट किया है. अपने सोने के गहने को बेचने के बाद हमने कुछ पैसे की व्यवस्था की लेकिन पैसा बस से यात्रा करने के लिए पर्याप्त नहीं था, जिसकी वजह से हमने स्कूटी से परीक्षा केंद्र पहुंचने के लिए यात्रा शुरू कर दी थी."
सोनी ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा, "सफर के दौरान हमें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. खराब रास्ते के साथ बारीश के कारण भी काफी कठिनाई हुईं." आपको बता दें, कोरोना वायरस के कारण अभी भी कई जगहों पर यातायात की सुविधा पर्याप्त रूप से नहीं मिल रही है. ऐसे में इस दौरान होने वाली परीक्षाओं को देने वाले छात्रों को परीक्षा केंद्र समय पर पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.