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NEET 2020: न मिलेगा पानी-न लिया जाएगा अंगूठे का निशान, पढ़ें NTA की गाइडलाइंस

कोरोना वायरस संकट के बीच सितंबर से नीट परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा के लिए गाइडलाइन जारी की है. कोरोना वायरस के कारण इस साल गाइडलाइन में काफी बदलाव किए गए हैं. यहां पढ़ें.

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प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (NEET 2020) की परीक्षा के आयोजन करने के लिए कह दिया है. परीक्षा का आयोजन 13 सितंबर को किया जाएगा. वहीं ये परीक्षा कोरोना संकट में आयोजित की जा रही है. ऐसे में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक विस्तृत प्रोटोकॉल बनाया है कि किस तरह से परीक्षा आयोजित की जाए जिसमें सुरक्षा और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा. बता दें, इस परीक्षा में लगभग 15 लाख छात्र भाग ले रहे हैं.

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कोरोना वायरस के कारण इस बात का खास ध्यान दिया जा रहा है कि छात्र एक साथ परीक्षा केंद्र पर न पहुंचे, ताकि भीड़ से बचा जा सके. इसलिए छात्रों को रिपोर्टिंग के लिए टाइम स्लॉट दिए जाएंगे.


सभी स्टाफ सदस्यों और उम्मीदवारों की चेंकिंग थर्मल स्क्रीनिंग से की जाएगी. अगर किसी भी कर्मचारी और उम्मीदवार का तापमान सामान्य तापमान से ऊपर देखा जाता है, उन्हें अलग आइसोलेशन रूम में रखा जाएगा.

प्रोटोकॉल की ये जरूरी बातें

1-  मास्क  पहनना जरूरी होगा

2- हाथों में पहने होंगे दस्ताने

3-  पारदर्शी पानी की बोतल

4- 50 ml का हेंड सैनिटाइजर

5-  परीक्षा से संबंधित डॉक्यूमेंट्स (जैसे- एडमिट कार्ड, ID कार्ट और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स)

6- नकल रोकने के लिए मेटल डिटेक्टर से छात्रों की जांच होगी

7. किसी भी प्रकार की धातू आदि से बने प्रोडेक्ट को अपने साथ न लाएं

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8- मेटल डिटेक्टर दूर से जांच करेगा, इस दौरान छात्र के सीधे संपर्क में कोई नहीं होगा

9- शौचायल जाने से पहले उन्हें अनुमति लेनी जरूरी होगी.

कैसे होगा डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन

परीक्षा हॉल में करीब 3 फुट चौड़ी टेबल उपलब्ध कराई जाएगी. परीक्षक बिना किसी को छुए उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट्स चेक करेंगे. सिग्नेचर के साथ मैनुअल अटेंडेंस (हाथो में दस्ताने पहनकर) ली जाएगी. इस साल अंगूठे का निशान नहीं लिया जाएगा.


इसी के साथ परीक्षकों की कक्षा में घूमने की प्रक्रिया को कम से कम रखा जाएगा. परीक्षा केंद्र में सेंटर की ओर से पानी उपलब्ध नहीं कराया जाएगा. कैंडिडेट्स को पर्सनल वाटर बॉटल लानी होगी.

एनटीए की गाइडलाइंस के अनुसार मास्क और दस्ताने को डस्टबिन में ही डालना होगा. इसके लिए एनटीए ने कई टॉप मेडिकल प्रोफेशनल्स से राय ली है ताकि एक बेहतरीन गाइडलाइन तैयार की जा सके. एनटीए की कोशिश है कि पूरी परीक्षा “touchless” यानी बिना किसी को छुए मैनर में आयोजित की जाए.

 

 

 

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