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हाइटेक तकनीक, जैमर, CCTV... सख्त पहरे में होगी UP की सबसे बड़ी पुलिस भर्ती परीक्षा, 48 लाख+ ले रहे हिस्सा

UP Police Constable Exam: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड ने परीक्षा को सकुशल संपन्न करने के लिए हर परीक्षा केंद्र पर तकनीक और ह्यूमन रिसोर्स का इस्तेमाल करेगी. 72 घंटे पहले से ही भर्ती बोर्ड के द्वारा बनवाए गए कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्र पर निगरानी रखी जा रही है.

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UP Police Constable Exam
UP Police Constable Exam

UP Police Constable Exam: दो दिवसीय यूपी पुलिस परीक्षा 17 और 18 फरवरी 2024 को आयोजित की जाएगी. 60244 सिपाही पद की भर्ती के लिए 48 लाख 17 हजार 441 अभ्यर्थियों के परीक्षा देने की उम्मीद है. इनमें 15 लाख 48 हजार 969 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं और 6 लाख से अधिक अभ्यर्थी अन्य राज्यों से हैं. दो दिन में 4 पाली में परीक्षा होगी और हर शिफ्ट में 12 लाख 4 हजार 360 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे. इसके प्रदेश के सभी 75 जिलों में 2385 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. साथ ही यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में नकल पर नकेल कसने के लिए कई कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. पुलिस भर्ती बोर्ड की DG रेणुका मिश्रा ने इसे भर्ती का महाकुंभ बताया है.

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सिपाही भर्ती परीक्षा में ऐसे रुकेगी सेंधमारी, सुरक्षा के कई कड़े इंतजाम
भर्ती परीक्षा में सेंधमारी रोकने के लिए एक नई व्यवस्था की गई है. इस बार सभी परीक्षा केंद्रों पर छोटे-छोटे जैमर लगाए गए हैं ताकि जैमर के चलते कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस वहां पर काम ना कर सके. सभी परीक्षा केंद्रों के अंदर सीसीटीवी लगाए गए हैं और वहां पर एक सीसीटीवी कंट्रोल भी बनाया गया हैं ताकि परीक्षा कक्ष में होने वाली एक एक गतिविधि पर नजर रखी जा सके. परीक्षा केंद्र के अंदर जाने से पहले अभ्यर्थी की आंखों के रेटिना से उसके फोटो का मिलान किया जाएगा और बायोमेट्रिक भी मिलान किया जाएगा. इन सभी के बाद अभ्यर्थी की परीक्षा केंद्र के अंदर एंट्री होगी. परीक्षा में किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो उसके लिए हर एक परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी कंट्रोल रूम के अलावा एक पूरी परीक्षा पर नजर रखने के लिए अलग से कंट्रोल रूम भी बनाया गया है.

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तकनीक और ह्यूमन रिसोर्स की ली जा रही मदद
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड ने परीक्षा को सकुशल संपन्न करने के लिए हर परीक्षा केंद्र पर तकनीक और ह्यूमन रिसोर्स का इस्तेमाल करेगी. परीक्षा को सकुशल संपन्न करने के लिए हर परीक्षा केंद्र के एंट्री गेट से लेकर हर रूम में सीसीटीवी लगा होगा और रियल टाइम मॉनिटरिंग भर्ती बोर्ड के अफसर करेंगे, ताकि पता चले परीक्षा केंद्र पर कब परीक्षार्थियों की एंट्री शुरू हुई और कब गेट बंद किया गया. हर परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी को जिला स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम के जरिये निगरानी रखी जाएगी. लखनऊ मुख्यालय से भी दो कंट्रोल रूम बनाकर परीक्षा पर निगरानी रखी जाएगी.

1000 या 1000 से अधिक परीक्षार्थी वाले सेंटर पर सीओ रैंक के अफसर को सेंटर का नोडल अधिकारी बनाया गया. वहीं 1000 परीक्षार्थी से कम वाले परीक्षा केंद्र पर इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टर को सेंटर का नोडल अफसर बनाया गया है.

इन चीजों को ले जाने की सख्म मनाही
परीक्षा केंद्र के गेट पर भी पूरी सख्ती रहेगी जिसमें प्रवेश पत्र के अलावा कोई भी पेपर पेंसिल बॉक्स कैलकुलेटर सनग्लासेस कप ज्वेलरी मोबाइल और पेन ड्राइव कैमरा और घड़ी डिजिटल पेन हेल्थ बेड और ब्लूटूथ या चाबी और वगैरह कोई भी चीज अंदर नहीं ले जा सकेंगे.

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6 लाख से अधिक अन्य राज्यों के अभ्यर्थी देंगे परीक्षा.
सबसे ज्यादा बिहार के 2,67, 305
हरियाणा से 74,769 
झारखंड 17,112
मध्य प्रदेश 98,400
दिल्ली 42,259
राजस्थान 97,277
पश्चिम बंगाल 5,512 
महाराष्ट्र 3,151
पंजाब 3,404

परीक्षा से पहले पुलिस चेकिंग शुरू
72 घंटे पहले से ही भर्ती बोर्ड के द्वारा बनवाए गए कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्र पर निगरानी रखी जा रही है. 24 घंटे परीक्षा केंद्र पर पुलिस मॉनिटरिंग कर रही है. पुलिस द्वारा लगातार जिले के होटल धर्मशाला में चेकिंग की जा रही है और देखा जा रहा है कि कहीं कोई परीक्षा में घुसपैठ करने वाले या असामाजिक तत्व कहीं कमरा लेकर परीक्षा मे सेंधमारी की तैयारी तो नहीं कर रहा है. 

पेपर की सील खोलने-बंद करने के बीच जरूरी बातें
सभी परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी कैमरे से लैस कर दिया गया है, वहां पहले से ही सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए गए हैं, परीक्षा पेपर डबल लॉक में रखवा दिए गए हैं. ये पेपर परीक्षा शुरू होने से पहले एग्जाम रूम में ही खुलेंगे, इन्हें खोलने से पहले दो परीक्षयों के सिग्नेचर भी इस बंडल के ऊपर कराए जाएंगे, ताकि यह सबूत रहे कि ये पेपर परीक्षार्थियों की देखरेख में खुले हैं. इसके साथ ही परीक्षा होने के बाद परीक्षा पेपर का बंडल भी तभी बंद होगा जब दो परीक्षार्थियों के साइन इस पर कर दिए जाएंगे. 

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परीक्षा के चलते बस और रूट्स पर भी दिया जा रहा ध्यान
परीक्षार्थियों के आने-जाने के लिए 122 रूटों पर बसों का संचालन किया गया है ताकि परीक्षार्थी समय से आए और उन्हें परीक्षा देने आने में कोई समस्या ना हो. कई परीक्षा केंद्रों के आसपास रूट डायवर्जेंट भी किया गया है ताकि परीक्षा के दौरान होने वाली भीड़ के चलते कोई हादसा ना हो जाए इसके लिए रूट डायवर्जन प्लान भी लागू किया गया है.

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