इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी सरकार से यूपी पुलिस भर्ती परिक्षा में चल रही अनियमितताओं को लेकर जवाब मांगा है. ये भर्ती पुलिस कांस्टेबल की 41000 पदों के लिए की गई थी. आवेदकों का कहना है कि पूरी भर्ती के दौरान केवल इटावा और मैनपुरी के ही कैंडिडेट्स को चुना गया है.
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार अरोड़ा ने चयन प्रक्रिया को चुनौती देने वाले 31 आवेदकों द्वारा दायर रिट याचिका पर आदेश पारित किया है. याचिकाकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश में कांस्टेबल भर्ती चयन प्रक्रिया निरस्त करने के लिए निर्देश देने की मांग की.
चयन के लिए आयोजित मुख्य परीक्षा में व्हाइटनर इस्तेमाल किए जाने को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह ने आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई तक चयन प्रक्रिया पूरी तरह से रुकी रहेगी और इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जाएगा.
आपको बता दें कि राज्य सरकार ने 14 मई 2013 को 41000 पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे. प्री एग्जाम 15 दिसंबर 2013 को आयोजित किया गया था. प्री और फिजिकल टेस्ट में पास कैंडिडेट्स की मुख्य परीक्षा 14 दिसंबर 2015 को आयोजित की गई थी और मार्च 2015 में इस एग्जाम का रिजल्ट घोषित किया गया था.