
VR Chaudhary: वायु सेना के बेहद तेज-तर्रार अफसरों में शुमार एयर मार्शल वीआर चौधरी (VR Chaudhary) अब इंडियन एयरफोर्स के नए चीफ के रूप में शपथ लेंगे. वर्तमान में एयरफोर्स के वाइस चीफ वीआर चौधरी के बारे में खास बातें यहां हम आपको बता रहे हैं.
वीआर चौधरी का पूरा नाम विवेक राम चौधरी है. वह 1 जुलाई 2021 को एयर मार्शल हरजीत सिंह अरोड़ा के स्थान पर 45वें वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ बने थे. अगर वीआर चौधरी के शुरुआती करियर की बात करें तो उनका चयन नेशनल डिफेंस अकैडमी (NDA) के जरिये हुआ था. इसके बाद उन्होंने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज से भी ग्रेजुएट किया.
जीते हैं ये अवार्ड
2004 में वायु सेना मेडल
2015 में अति विशिष्ट सेवा पदक
2021 में परम विशिष्ट सेवा पदक
ऐसा रहा करियर
वीआर चौधरी को 29 दिसंबर 1982 को एक फाइटर पायलट के रूप में भारतीय वायु सेना में कमीशन किया गया था. उनकी योग्यता एक योग्य फ्लाइट इंस्ट्रक्टर की है. उन्हें मिग-21, मिग-23एमएफ, मिग-29 और सुखोई-30 एमकेआई सहित विभिन्न लड़ाकू विमानों पर 3800 घंटे से ज्यादा की उड़ान का अनुभव है. वो लद्दाख बॉर्डर की एयर सिक्योरिटी के इंचार्ज रह चुके हैं. उनके इस दौरान के अनुभव को काफी प्रभावी माना जाता है.
संभाले हैं ये ऑपरेशंस
वीआर चौधरी एयरफोर्स में ऑपरेशन मेघदूत और ऑपरेशन व्हाइट सी जैसे मिशन से अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. उन्हें अलग-अलग तरह के लड़ाकू विमानों को उड़ाने में महारत हासिल है. वो वायु सेना के कुछ बेहद अहम मिशन का हिस्सा रहे हैं.
बता दें कि ऑपरेशन मेघदूत 37 साल पहले भारतीय सशस्त्र सेना का सफल अभियान रहा है. इस ऑपरेशन के जरिये ही भारतीय सेना ने कश्मीर के सियाचिन ग्लेशियर पर पूरी तरह से नियंत्रण हासिल कर लिया था. ये वो ऑपरेशन था जिसने पाकिस्तानी सेना को हमारे जवानों ने पीछे जाने के लिए मजबूर कर दिया था. ऑपरेशन मेघदूत अभियान का कोडनेम था जिसे 13 अप्रैल 1984 की सुबह को अंजाम दिया गया था. इस पूरे ऑपरेशन में वीआर चौधरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, हालांकि वायुसेना का भी इसमें बड़ा योगदान रहा था.
1999 के करगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर चलाया गया. यह थल सेना के साथ वायु सेना का संयुक्त अभियान था.
इसकी जिम्मेदारी सेना को सौंपी गई थी. सफेद सागर कोड नेम वाले इस ऑपरेशन का उद्देश्य नियंत्रण रेखा के साथ करगिल सेक्टर में भारतीय चौकियों को पाकिस्तान के कब्जे से खाली कराना था. इन सभी चौकियों पर पाकिस्तानी सैनिकों ने धोखे से कब्जा जमा लिया था. साल 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद यह जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में वायु शक्ति का पहला बड़े पैमाने पर इस्तेमाल था. इसमें भी विवेक राम चौधरी की बड़ी भूमिका रही थी.
बता दें कि मौजूदा वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया 30 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं. वो भी बतौर डिप्टी चीफ चौधरी राफेल प्रोग्राम से करीब से जुड़े थे. वो फ्रांस में फाइटर जेट प्रोजेक्ट की प्रगति की निगरानी करने वाले द्विपक्षीय उच्च स्तरीय समूह के प्रमुख रह चुके हैं. 30 सितंबर 2021 को एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया के रिटायरमेंट के बाद वीआर चौधरी 27वें वायु सेना प्रमुख के रूप में कमान संभालेंगे. उन्होंने इससे पहले पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) के रूप में काम किया है.