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इतिहास

एअर इंडिया की कहानी: कभी मिट्टी के मकान से ऑपरेट होता था टाटा एयरलाइंस, ऐसी रही है अबतक की उड़ान

1932 में शुरू हुआ था एअर इंडिया
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सरकारी एयरलाइन कंपनी एअर इंडिया (Air India) की विनिवेश प्रक्रिया दिसंबर 2021 तक पूरी हो जाएगी. मीडिया में सूत्रों के हवाले से खबर चल रही है कि Tata sons ने इसके लिए सबसे ज्यादा बोली लगाई है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. अगर उसके इतिहास की बात करें तो एअर इंडिया का जन्म अप्रैल 1932 में हुआ था. जानें एअर इंडिया का पूरा इतिहास.

उद्योगपति जेआरडी टाटा
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एअर इंडिया की स्थापना उस समय के जाने-माने उद्योगपति जेआरडी टाटा ने की थी, मगर तब इसका नाम एअर इंडिया नहीं था. तब इसका नाम टाटा एयरलाइंस हुआ करता था. टाटा एयरलाइंस की शुरुआत यूं तो साल 1932 में हुई थी, मगर जेआरडी टाटा ने वर्ष 1919 में ही पहली बार हवाई जहाज तब शौकिया तौर पर उड़ाया था जब वो सिर्फ 15 साल के थे. जेआरडी टाटा ने बाद में अपना पायलट का लाइसेंस लिया. 

प्रतीकात्मक फोटो (Getty)
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इसकी पहली व्यावसायिक उड़ान की बात करें तो सबसे पहले एअरलाइंस के जहाज ने 15 अक्टूबर को उड़ान भरी थी. ये तब सिंगल इंजन वाले 'हैवीलैंड पस मोथ' हवाई जहाज था जो अहमदाबाद से होते हुए कराची से मुंबई गया था. लेकिन आपको बता दें कि इस उड़ान में सवारियां नहीं बल्क‍ि 25 किलो चिट्ठ‍ियां थीं. 

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प्रतीकात्मक फोटो (Getty)
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इस उड़ान से ले जाई गईं चिट्ठियां लंदन से 'इम्पीरियल एयरवेज' से कराची लाई गईं. तब इम्पीरियल एयरवेज ब्रिटेन का राजसी विमान वाहक हुआ करता था. इसके बाद टाटा एयरलाइंस के लिए साल 1933 पहला व्यावसायिक वर्ष रहा. टाटा संस की दो लाख की लागत से स्थापित कंपनी ने इसी वर्ष 155 पैसेंजरों और लगभग 11 टन डाक भी ढोई. टाटा एयरलाइन्स के जहाजों ने एक ही साल में कुल मिलाकर 160, 000 मील तक की उड़ान भरी.

प्रतीकात्मक फोटो (Getty)
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इसके बाद इस एअरलाइंस से नियमित रूप से डाक पहुंचाने का क्रम शुरू हुआ. उस वक्त की तत्कालीन अंग्रेजी सरकार ने टाटा एयरलाइंस को कोई आर्थिक मदद नहीं दी थी. उस वक्त सिर्फ हर चिट्ठी पर चार आने दिए गए थे. अगर शुरुआती दौर की बात करें तो टाटा एयरलाइंस मुंबई के जुहू के पास एक मिट्टी के मकान से संचालित होता रहा. वहीं मौजूद एक मैदान 'रनवे' के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा. जब भी बरसात होती या मानसून आता तो इस मैदान में पानी भर जाया करता था.

प्रतीकात्मक फोटो (Getty)
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द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भारत से सामान्य हवाई सेवा की शुरुआत हुई और तब इसका नाम Air India रखकर इसे एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बना दिया गया. वर्ष 1947 में देश की आज़ादी के बाद एक राष्ट्रीय एयरलाइंस की जरूरत महसूस हुई और भारत सरकार ने Air India में 49% हिस्सेदारी अधिग्रहण कर ली. इसके बाद 1953 में भारत सरकार ने एयर कॉरपोरेशन एक्ट पास किया और Tata Group से इस कंपनी में बहुलांश हिस्सेदारी खरीद ली. इस तरह Air India पूरी तरह से एक सरकारी कंपनी बन गई. 

प्रतीकात्मक फोटो (Getty)
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एअर इंडिया (Air India Stake Sale) का लोगो लाल रंग का उड़ता हुआ हंस है. इसमें नारंगी में कोणार्क चक्र है. कंपनी के हवाई जहाजों के पिछले हिस्से पर प्रमुखता के साथ लोगो को जगह दी जाती है. कंपनी का शुभंकर 'महाराजा' पहली बार 1946 में दिखा था. यह एयरलाइन की खास पहचान रहा है. 

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