मुगलों के पश्चात् आधुनिक बंगाल का इतिहास यूरोपीय और अंग्रेजी व्यापारिक कंपनियों के आगमन से शुरू होता है. सन् 1757 में प्लासी के युद्ध ने इतिहास की धारा को मोड़ दिया जब अंग्रेजों ने पहले-पहल बंगाल और भारत में अपने पांव जमाए.
(1) बंगाल पर अंग्रेजों का अधिपत्य मुगल सम्राज्य के अन्तर्गत आने वाले प्रान्तों में बंगाल सर्वाधिक सम्पन्न था.
(2) प्लासी का युद्ध 23 जून, 1757 ई. को अंग्रेजों के सेनापति रॉबर्ट क्लाइव एवं बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के बीच हुआ.
(3) जिसमें नवाब अपने सेनापति मीरजाफर की धोखाधड़ी के कारण पराजित हुए.
(4) अंग्रेजों ने मीरजाफर को बंगाल का नवाब बनाया. क्लाइव के हाथों की कठपुतली नवाब मीरजाफर को अंग्रेजों ने 1760 ई. में हटाकर उसके दामाद मीरकासिम को बंगाल का नवाब बनाया.
(5) मीरकासिम ने अपनी राजधानी को मुर्शिदाबाद से मुंधेर (मुगदलपुर) स्थानान्तरित किया.
(6) बक्सर का युद्ध 1764 ई. में अंग्रेजों एवं मीरकासिम, अवध के नवाब शुजाद्दौला एवं मुगल सम्राट शाहआलम-2 के बीज हुआ. इस युद्ध में भी अंग्रेज विजयी हुए.
(7) इस युद्ध में अंग्रेज सेनापति हेक्टर मुनरो था.
(8) बक्सर के युद्ध के बाद एक बार फिर मीरकासिम की जगह मीरजाफर को नवाब बना दिया गया. 5 जनवरी, 1765 ई. में मीरजाफर की मृत्यु हो गई.
बंगाल के नवाब और उनका कार्यकाल
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1 |
मुर्शीद कुली खाँ |
1713-1727 ई. |
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2 |
शुजाउद्दीन |
1727-1739 ई. |
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3 |
सरफराज खाँ |
1749-1740 ई. |
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4 |
अलीवर्दी खाँ |
1740-1756 ई. |
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5 |
सिराजुद्दौला |
1756-1757 ई. |
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6 |
मीर जाफर |
1757-1760 ई. |
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7 |
मीरकासिम |
1760-1763 ई. |
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8 |
मीर जाफर |
1763-1765 ई. |
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9 |
निजाम-उद्दौला |
1765-1766 ई. |
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10 |
शैफ-उद्दौला |
1766-1770 ई. |
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11. |
मुबारक-उद्दौला |
1770-1775 ई. |