टीवी-अखबारों पर देश-दुनिया के समाचारों की सुर्खियों से गुजरते दो दिनों से सबसे ज्यादा दर्दनाक खबर लीबिया से आ रही हैं. अफ्रीका और अरब दुनिया में चौथा सबसे बड़े देश लीबिया के पूर्वी शहर डर्ना से तबाही के मंजर की तस्वीरें दिख रही थीं. यहां तूफान और बाढ़ से पिछले 24 घंटे में 5300 से ज्यादा लोगों की जान चली गईं, वहीं 10 हजार से ज्यादा लोग लापता है. यहां डैनियल (Storm Daniel) तूफान ने सब उजाड़ दिया है. ये लीबिया के इतिहास में ऐसा पहला भयावह तूफान बताया जा रहा है. आइए जानते हैं कि क्यों हुई इतनी तबाही. (फोटो सोर्स: Reuters/AP)
भूमध्यसागर में आया तूफान डैनियल इतना खतरनाक था जिसकी किसी ने उम्मीद भी नहीं की थी. पहले से ही राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से कमजोर देश को कुदरत के कहर ने और निरीह सा बना दिया है. यहां टूटे घर, शहर के घरों में घुसा समुद्र का पानी, टूटे बांध, दरके ब्रिज, लाशों के अंबार और चीख पुकारें, इतनी भयानक तबाही पहले किसी ने नहीं देखी थी. (फोटो सोर्स: AP)
पहली बार आए तूफान की वजह
इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेडक्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज के लीबिया दूत तामेर रमादान कहते हैं कि यह सब जलवायु परिवर्तन का नतीजा है. यहां पर इतना तेज तूफान पहले कभी नहीं आया. क्लाईमेट चेंज के पीछे सबसे बड़ी वजह ग्लोबल वॉर्मिंग को बताया जाता है. (फोटो सोर्स: AP)
तूफान ने मिट्टी में मिला दिया शहर का एक चौथाई हिस्से
लेकिन लीबिया के डेर्ना में हुई तबाही के पीछे कई और वजहें भी मानी जा रही हैं. अगर क्लाइमेट मुद्दों की बात करें तो संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, लीबिया वर्तमान में जलवायु रणनीति विकसित करने वाला एकमात्र देश है. यहां बाढ़ से हुई तबाही देश के आधुनिक इतिहास की सबसे घातक पर्यावरणीय आपदा है. इसके पीछे वर्षों के युद्ध और केंद्रीय सरकार की कमी भी वजह है, जिससे यहां का बुनियादी ढांचा चरमरा गया है, जो तीव्र बारिश के कारण असुरक्षित हो गया है. यही कारण है कि एक बड़े तूफान ने शहर के एक चौथाई हिस्से को खत्म कर दिया. (फोटो सोर्स: AP)
पूरी तरह से साफ हो गया डर्ना का निचला इलाका
इस तूफान और बाढ़ से एक तरह से डर्ना का निचला इलाका वाडी डर्ना पूरी तरह से साफ हो गया. क्योंकि यह पहाड़ों की तलहटी में बसा है. ऊपर की तरफ से आए पानी से पूरा इलाका साफ कर दिया है. न इमारतें बची हैं. न सड़क. न ही कोई धार्मिक स्थान. चारों तरफ कीचड़ और कचरा फैला पड़ा है. यहां तक कि शहर की नदी भी लापता है. (फोटो सोर्स: AP)
कैसा है लीबिय?
लगभग 1.8 मिलियन वर्ग किमी के क्षेत्रफल वाला अफ्रीका और अरब दुनिया में चौथा सबसे बड़ा देश है. दुनिया में इसकी गिनती 16वें सबसे बड़े देश के तौर पर होती है. यहां दुनिया का 10वां सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है. लीबिया की जनसंख्या लगभग 7 मिलियन है. यहां दो विरोधी सरकारें राज करती हैं. इनमें से एक पूर्वी तट की तरफ तो दूसरी पश्चिम की ओर शासन जमाए है. इस वजह से लीबिया में इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई ध्यान नहीं है. यहां का डर्ना इलाका समुद्री तट के किनारे बसा शहर है. यहां करीब 89 हजार लोग रहते हैं. (फोटो सोर्स: Reuters)
तामेर रमादान कहते हैं कि लीबिया की स्थिति मोरक्को से भी ज्यादा बद्तर है. बता दें कि डर्ना और लीबिया के पूर्वी इलाकों में यह आफत रविवार रात आई थी. सबसे पहले स्थानीय लोगों ने तेज धमाका सुना. इसके बाद पूरा शहर पानी-पानी हो गया. (फोटो सोर्स: AP)
10 दिनों प्राकृतिक आपदा से सहमे ये देश
बता दें कि पिछले दस दिनों में दुनिया के कई हिस्सों से प्राकृतिक आपदाओं की खबरें आ रही हैं. हाल ही में हांगकांग में तूफान और बारिश से तबाही मची, इसके अलावा यूना, स्पेन और बेल्जियम में बारिश बाढ़ ने कहर ढाया. वहीं ग्रीस में लगी आग ने खूब तबाही मचाई. यहां कम बारिश के कारण जंगल सूख जाने से इस तरह की घटना सामने आई. (फोटो सोर्स: Reuters)