आज के समय में लोग नौकरी के लिए अपने घर से बाहर रहते हैं, ऐसे में कई सालों तक किराए के घर में लोग रेंट पर रहते हैं.लेकिन कई बार मकान मालिक उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर मनमानी करते हैं. ऐसे में रेंट पर रहने वालों / किराएदार को अपने अधिकार को जरूर जान लेना चाहिए, नहीं तो मकान मालिक आपको परेशान कर सकते हैं.
किराएदार को बार-बार परेशान करने का हक नहीं
पटियाला हाउस कोर्ट के वकील महमूद आलम के अनुसार, कोई भी मकान मालिक किसी भी किराएदार को घर देने से पहले उसकी सही से enquiry कर सकता है. Enquiry के बाद ही मकान मालिक ये डिसाइड करेगा कि उसे घर देना है या नहीं. लेकिन किराएदार को घर देने के बाद किसी भी तरह की enquiry कर परेशान करने का हक मकान मालिक को नहीं है.
मकान मालिक नहीं करा सकते घर खाली
कोई भी मकान मालिक किराएदार को 15 दिन के नोटिस पीरियड पर नहीं निकाल सकता है. एग्रीमेंट बनवाते समय नोटिस पीरियड जरूर मेंशन करें. नोटिस कैसे और कब देना है, ये एग्रीमेंट के हिसाब से चलेगा न कि मनमानी.
सिक्योरिटी मनी को लेकर ये नियम
कोई भी मकान मालिक 2 महीने से ज्यादा सिक्योरिटी मनी नहीं ले सकता है. अगर इससे ज्यादा महीना के सिक्योरिटी मनी के लिए एग्रीमेंट पर लिखना होगा. इसके साथ ही ये राशि घर खाली करते वक्त किराएदार को लौटाना होगा.
अगर मकान मालिक को किसी भी तरह का कंस्ट्रक्शन कराना है तो वे एग्रीमेंट में लिखे अनुसार, किराएदार को घर खाली या किसी और जगह कुछ दिन के लिए सिफ्ट होने को कह सकता है. किसी भी तरह का कंस्ट्रक्शन किराए के मकान में नहीं करा सकते हैं. किसी भी तरह के कंस्ट्रक्शन के लिए आपको मकान मालिक से परमिशन लेनी होगी.
मकान मालिक कभी भी किराया बढ़ा नहीं सकता
अगर आप रेंट पर रहते हैं तो ये बात आपको मालूम होगी कि हर साल या दो साल पर मकान मालिक किराया बढ़ा देते हैं. इसलिए जब भी आप रेंट एग्रीमेंट बनवा रहे हो तो ये बात ध्यान रखें कि उसमें रेंट बढ़ाने को लेकर टर्म्स और कंडीशन साफ-साफ लिखा हो कि मकान मालिक कितने दिन पर किराया बढ़ा सकते हैं.