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गजब! एक ही बिल्डिंग में बसा है पूरा शहर, सड़क नहीं टनल से होता है आना-जाना, Photos

एक छत के नीचे है पूरा शहर
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एक छत के नीचे है पूरा शहर
दुनिया में एक ऐसा भी शहर है जो सिर्फ एक बिल्डिंग में बसा हुआ है. सोचिए आप जिस बिल्डिंग में रह रहे हों वो सिर्फ आपका घर नहीं बल्कि पूरा शहर भी है. ये सच है. इस बिल्डिंग में रहने के साथ-साथ लोगों को उनकी जरूरत का हर सामान उपलब्ध हो जाता है. किराने की दुकान, पोस्ट ऑफिस, यहां तक की लिफ्ट का इस्तेमाल करके कुछ ही मिनट में नोटरी तक पहुंच जाते हैं. (फोटो -गेटी इमेजेज)
 

अंडरग्राउंड टनल से होता है आना जाना
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अंडरग्राउंड टनल से होता है आना जाना
इस शहर में भयंकर बर्फीले तूफान आते हैं. तापमान माइनस में चला जाता है, फिर भी बच्चे स्कूल जाते हैं. क्योंकि यहां कहीं भी आने-जाने के लिए इस बिल्डिंग से जुड़े अंडरग्राउंड टनल बने हुए हैं. ये शहर सचमुच में दुनिया का एक अजीबोगरीब शहर है. यहां बिल्डिंग के कॉरिडोर में चलने का मतलब है, अपने पड़ोस की सड़कों पर टहलना वहां के लोगों के लिए किराने की दुकान पर जाते समय पुलिस वालों को पजामे में देखना या लॉन्ड्री रूम में मेयर से मिलना बहुत ही आम बात है. (फोटो -गेटी इमेजेज)
 

अलास्का में बसा है ये अनोखा शहर
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अलास्का में बसा है ये अनोखा शहर
अलास्का के साउथ में स्थित इस कोस्टल सिटी का नाम है व्हिटियर सिटी. यह ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों और समुद्र के बीच छिपा हुआ है. लगभग 51 स्क्वायर किलोमीटर के एरिया के साथ यहां पर रहने वाली सभी लोग सिर्फ एक रेजिडेंशियल परिसर में रहते हैं. इस शहर में आने जाने का सिर्फ एक ही रास्ता है, वो है एक टनल. यह टनल सिर्फ वन वे है.  शहर में जाने और बाहर निकालने के लिए हर आधे घंटे में इसका डायरेक्शन बादल दिया  जाता है. टनल की फिजिकल कंडीशंस और समय की कमी की वजह से साइकिल और पैदल चलने वाले लोगों को यहां आने की इजाजत नहीं है. ट्रायंगल शॉप में बनी हुई एंट्रेंस एवलांच के समय टनल के रास्ते को बंद होने से बचाती है. (फोटो -गेटी इमेजेज)
 

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सिर्फ एक टनल के जरिए पूरी दुनिया से जुड़ा है ये शहर
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सिर्फ एक टनल के जरिए पूरी दुनिया से जुड़ा है ये शहर
यह टनल एक ऐसा रोड है जो इस शहर को बाकी की दुनिया से 80 सालों तक जोड़कर रखा है. पहाड़ से गुजरने वाले इस 4 किलोमीटर लंबे टनल को यूएस मिलिट्री ने रेल रोड के रूप में बनाया था और साल 2000  से बाकी गाड़ियों के लिए खोल दिया गया था. इस शहर में जाने का एक और रास्ता है लेकिन वो है समुद्र के ऊपर से जाने का, जमीन से जाने के लिए बस ये टनल ही एक रास्ता है. (फोटो -गेटी इमेजेज)
 

इस बिल्डिंग में हैं कुल 196 अपार्टमेंट
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इस बिल्डिंग में हैं कुल 196 अपार्टमेंट
इस शहर में हार्बर एक्टिविटीज काफी होती है. यहां कई छोटी-छोटी बिल्डिंग हैं, जिनका इस्तेमाल मछली पकड़ने और स्टोरेज के लिए किया जाता है. इसके अलावा पूरा शहर सिर्फ एक बिल्डिंग में रहता है. इसका नाम है बैगेज टावर. यहां ग्राउंड फ्लोर पर ऐतिहासिक तस्वीर लगी हुई है. 1956 में कोल्ड वार के दौरान यूएस मिलिट्री के लिए इस बिल्डिंग को बनाया गया था. इस 14 मंजिला बिल्डिंग में कुल 196 अपार्टमेंट है और इसमें एक समय में 1000 लोग तक रह सकते हैं. (फोटो -गेटी इमेजेज)
 

बिल्डिंग के अंदर है मिल जाएगा हर जरूरत का सामान 
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बिल्डिंग के अंदर है मिल जाएगा हर जरूरत का सामान 
इस बिल्डिंग में किराने की दुकान, लॉन्ड्री रूम, स्टोरेज एरिया, बच्चों के लिए इंडोर प्ले ग्राउंड, दो चर्च, म्युनिसिपल ऑफिस, टनल के जारिए जाता हुआ एक स्कूल, एक पोस्ट ऑफिस और यहां तक की नोटरी भी शामिल है. व्हिटियर में कड़ाके की ठंड के दिनों में यहां रहने वाले लोग हफ्तों तक इस बिल्डिंग से बाहर निकले बिना अपना जीवन बिताते हैं. इसके अंदर एक छोटा सा बाजार भी है, जहां से आप दैनिक जरूर का समाज खरीद सकते हैं. बैगेज टावर्स बाहर से एक सिंगल्स स्ट्रक्चर की तरह दिखता है, लेकिन असलियत में यह तीन अलग-अलग बिल्डिंग से बना हुआ है. इनके बीच 20 सेंटीमीटर का गैप है ये तीन सेगमेंट को एक दूसरे से इंडिपेंडेंट बनाता है और भूकंप आने की स्थिति में इसके गिरने के जोखिम को कम करता है. (फोटो -गेटी इमेजेज)
 

कोल्ड वॉर के समय यहां रहने आए थे यूएस मिलिट्री के जवान
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कोल्ड वॉर के समय यहां रहने आए थे यूएस मिलिट्री के जवान
एक बिल्डिंग में बसा ये शहर दरअसल, यूएस मिलिट्री के लिए बनाया गया था.  यहां पर रहने वाले लोग ज्यादातर इंडोर एक्टिविटीज में अपना समय बिताते हैं. यहां की इकॉनमी ट्रांसपोर्टेशन और हर्बल सर्विसेज पर आधारित है. अलास्का रेल रोड कॉरपोरेशन लोगों को नौकरी भी देती है. शहर की 7.1 प्रतिशत आबादी गरीबी स्तर से नीचे गुजारा करती है और यहां एंप्लॉयमेंट रेट लगभग 9% है. यहां हर साल लगभग 8 लाख टूरिस्ट क्रूज शिप के जरिए इस दिलचस्प जगह पर आते हैं. इनके लिए भी होटल की व्यवस्था उसी एक बिल्डिंग यानी की बैगेज टावर्स में है. पहले विश्व युद्ध के दौरान व्हिटियर ने अमेरिका सेना के लिए अपने नॉन फ्रीजिंग डीप वाटर पोर्ट और पहाड़ियों में बादल छाए होने के बदौलत  मिलिट्री बेस को छिपाए रखने में मदद की. (फोटो -गेटी इमेजेज)
 

ऐसे आया सिटी अंडर वन रूफ का आईडिया
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ऐसे आया सिटी अंडर वन रूफ का आईडिया
यूएस मिलिट्री ने मिलिट्री को रिइंफोर्स करने के लिए सिटी अंडर वन रूफ के कॉन्सेप्ट के साथ 1953 में बैगेज टॉवर्स के साथ बकनर बिल्डिंग को भी बनाया था. बकनर बिल्डिंग बहुत ही बड़े एरिया में है. इसमें एक हॉस्पिटल डेंटल क्लीनिक, दो शूटिंग रेंज, एक जेल, पोस्ट ऑफिस, बैंक, बॉर्बर शॉप, थिएटर भी था.  1960 की शुरुआत में मिलिट्री की वापसी के बाद बैगेज टावर्स का इस्तेमाल करना जारी रहा. वहीं बकनर बिल्डिंग को वैसा का वैसा ही छोड़ दिया गया था और आज यह परित्यक्त है. इसमें सिर्फ कबाड़ भरा हुआ है. (फोटो -गेटी इमेजेज)
 

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