देश की राजधानी नई दिल्ली में 09-10 सितंबर को जी-20 की बैठक होनी है. मेहमानों के स्वागत के लिए देश की राजधानी सज-धजकर तैयार है. इस बैठक में शामिल होने वाले विदेशी मेहमान आज (शुक्रवार), 8 सितंबर से ही दिल्ली पहुंचने लगे हैं. जहां ये कार्यक्रम होना है, उस मंडपम में खास तैयार है. वहीं, मेहमानों की सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं. आइए जानते हैं किस देश से कौन राष्ट्रीय अध्यक्ष जी-20 में शामिल हो रहे हैं.
जी-20 में शामिल हैं कौन-कौन से देश?
G20 में 19 व्यक्तिगत देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं. ये देश हैं ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका. इसी के साथ, जी 20 के सदस्य देश, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार के 75 प्रतिशत से अधिक और विश्व की जनसंख्या के लगभग दो-तिहाई का प्रतिनिधित्व करते हैं.
ये विदेशी मेहमान करेंगे जी-20 सम्मेलन 2023 में शिरकत
क्रमांक | देश | मेहमान | स्वागतकर्ता |
1. | अमेरिका | जो बाइडेन (राष्ट्रपति) | वीके सिंह |
2. | इटली | जॉर्जिया मेलोनी (पीएम) | शोभा करांदलाजे |
3. | बांग्लादेश | शेख हसीना (पीएम) | दर्शना जरदोश |
4. | ब्रिटेन | ऋषि सुनक (पीएम) | अश्विनी चौबे |
5. | जापान | फुमियो किशिदा (पीएम) | अश्विनी चौबे |
6. | दक्षिण कोरिया | यूं सुक येओल (प्रेसिंडेट) | राजीव चंद्रशेखर |
7. | ऑस्ट्रेलिया | एंथनी अल्बनीज (पीएम) | राजीव चंद्रशेखर |
8. | ब्राजील | लूला डी सिल्वा (प्रेसिडेंट) | नित्यानंद राय |
9. | फ्रांस | इमैनुएल मैक्रों (प्रेसिडेंट) | अनुप्रिया पटेल |
10. | जर्मनी | (ओलाफ स्कोल्ज) चांसलर | भानु प्रताप सिंह वर्मा |
11. | मॉरीशस | प्रवीण कुमार जगन्नाथ (पीएम) | श्रीपाद येशो नायक |
12. | सिंगापुर | ली सीन लूंग (पीएम) | एल मुरूगन |
13. | यूरोपियन यूनियन | उर्सुला वॉन डेर लेयेन (अध्यक्षा) | प्रह्लाद सिंह पटेल |
14. | स्पेन | प्रेसिडेंट | शांतनु ठाकुर |
15. | चीन | ली कियांग (प्रधानमंत्री) | वीके सिंह |
राजधानी में मौजूद हैं ये विदेशी मेहमान
अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अलबर्टों फर्नांडीज दिल्ली पहुंच चुके हैं. उनके स्वागत के लिए इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते एयरपोर्चट पर पहुंचे.
इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी भी दिल्ली आ चुकी हैं. इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के स्वागत के लिए केंद्रीय मंत्री शोभा करांदलाजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचीं.
कोमोरोस संघ के अध्यक्ष और अफ्रीकी संघ (एयू) के अध्यक्ष, अज़ाली असौमानी भी जी20 शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं. इनके स्वागत के लिए रेलवे, कोयला और खान राज्य मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे एयरपोर्ट पहुंचे.
थोड़ी देर में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा का भी दिल्ली में आगमन होगा. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के अमेरिका से दिल्ली रवाना होने की तस्वीर आ चुकी है. दोपहर में ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक भी दिल्ली पहुंच जाएंगे.
जो बाइडेन की टीम में शामिल हैं ये लोग
बाइडेन शाम छह बजकर पचपन मिनट पर दिल्ली पहुंचेंगे. बाइडेन के साथ उनकी हाई प्रोफाइल टीम भी दिल्ली आ रही हैं. बाइ़डन की टीम में बाइडेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन, डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ जेन ओमैली डिलन और बाइडेन के ओवल ऑफिस ऑपरेशन की निदेशक एनी तोमासिनी शामिल हैं. दिल्ली पहुंचने के साथ बाइडेन सीधे पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत शुरू कर देंगे. अमेरिका ने उम्मीद जताई है कि इस बैठक में भारत और अमेरिका दुनिया की तमाम समस्याओं पर बेहद अहम बातचीत करेंगे.
कैसी होगी अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा
बता दें कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जी-20 समिट में भारत नहीं आ रहे हैं. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की जगह जगह प्रधानमंत्री ली कियांग भारत आ रहे हैं.
क्या है जी-20 समिट?
G20 का मतलब 20 का समूह है. इसकी स्थापना 1999 में हुई थी. यह वैश्विक वित्तीय मुद्दों पर बात करने के लिए दुनिया की टॉप 20 औद्योगिक और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की सरकारों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों के लिए एक मंच है. बता दें, पहली G20 बैठक में वित्त मंत्री और प्रत्येक देश के केंद्रीय बैंक के प्रमुख शामिल हुए थे, लेकिन 2008 में, वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान, प्रत्येक सदस्य देश के नेताओं के शिखर सम्मेलन की शुरुआत की गई. अब तक 110 से अधिक राष्ट्रीयताओं वाले 12,300 से अधिक प्रतिनिधियों ने जी-20 से संबंधित बैठकों में भाग लिया है. इसमें जी-20 सदस्यों, 9 आमंत्रित देशों और 14 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी शामिल है.
जी-20 को लेकर क्या है सुरक्षा व्यवस्था
दिल्ली में जी 20 के लिए जोरदार सुरक्षा की गई है. पूरे नई दिल्ली इलाके को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है. यहां 30 हजार से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई है. डिप्लोमैटिक एरिया में खास तौर पर डीआरडीओ ने एंटी ड्रोन राडार लगाया है जो पल भर में किसी उडते ऑब्जेक्ट के बारे में खबर दे देगा. इसकी पहुंच में काफी बडा इलाका होगा. बता दें, सबसे कडी सुरक्षा आयोजन स्थल प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम से लेकर कर्तव्य पथ तक है जहां परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा.
इसी के साथ, दिल्ली के हर बॉर्डर पर सुरक्षा का इंतजाम किया गया है. गुरुग्राम से लेकर गाजियाबाद और नोएडा हर बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर है. दिल्ली के अंदरूनी इलाकों में भी सुरक्षा सख्त है. कनाट प्लेस के आसपास आवाजाही काफी प्रतिबंधित कर दी गई है. हर आने-जाने वाले की तलाशी ली जा रही है. सड़क के साथ-साथ, यमुना नदी पर भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर है. यहां दिल्ली पुलिस के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं. राजघाट के पीछे यमुना खादर के इलाकों में सेंट्रल दिल्ली की पेट्रोलिंग लगातार की जा रही है. इन इलाकों में बाइक और किसी दूसरी गाड़ियों से पेट्रोलिंग करना आसान नहीं इसलिए ट्रैक्टर का सहारा लिया जा रहा है.
सज-धज कर तैयार है भारत मंडपम
जी-20 की बैठत भारत मंडपम में ही होनी है. भारत मंडपम में विदेशी मेहमानों के आकर्षण के लिए बहुत कुछ है. भारत के हर राज्य की संस्कृति से लेकर लोक परंपरा तक को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल्स में मेहमानों को काफी कुछ देखने को मिलेगा. दीवारों पर एक से बढ़कर एक कलाकृतियां, पेटिंग्स से लेकर छतों पर झूमते बेहद आकर्षक लग रहे हैं. साढ़े सात सौ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किये गये भारत मंडपम् के अंदर की सजावट बेहद खूबसूरत है.
दिल्ली की धरती पर विदेशी मेहमानों के आगमन का सिलसिला जारी रहने वाला है. मेहमानों के स्वागत के लिए सरकार के अलग-अलग मंत्री एयरपोर्ट पहुंच रहे हैं. वहीं, मेहमानों को पूरी कड़ी सुरक्षा के साथ दिल्ली के अलग-अलग होटलों में पहुंचाया जा रहा है.