जब भी कोई जासूस पकड़ा जाता है या फिर किसी पर दूसरे मुल्क में जानकारी शेयर करने की बात आती है तो 'हनीट्रैप' की भी चर्चा होती है. अधिकतर केस में हनीट्रैप के जरिए ही लोगों को फंसाया जाता है और बाद में पता चलता है कि किसी महिला जासूस ने हनीट्रैप में फंसाकर जानकारी मंगवाई थी. आपने भी सुना होगा कि पाकिस्तान की आईएसआई एजेंट ने हनीट्रैप के जरिए खफिया जानकारी मंगवा ली. तो आज समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर किस तरह आईएसआई एजेंट लोगों को अपने जाल में फंसाती हैं...
क्या होता है हनीट्रैप?
दरअसल, हनीट्रैप शब्द का इस्तेमाल अक्सर ऐसी जासूसी के लिए किया जाता है, जब किसी से रोमांटिक या प्यार भरे रिश्ते बनाकर कुछ खास जानकारी निकलवाई जाती है. ऐसा अक्सर किसी देश के जासूस करते हैं और प्यार के जाल में फंसाकर जानकारी जुटाने की कोशिश करते हैं. इनका इस्तेमाल किसी बड़ी रकम के लेन-देन या फिर राजनीतिक कारणों के लिए किया जाता है.
किस तरह के लोगों को ज्यादा फंसाया जाता है?
आम तौर पर सैनिक, पैरा मिलिट्री, रक्षा, जलदाय विभाग, विद्युत विभाग, रेलवे के कर्मचारी, वैज्ञानिकों, सेना के राशन सप्लायर्स, ठेकेदारों और बॉर्डर क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को निशाना बनाया जाता है. अगर भारत-पाकिस्तान के संदर्भ में देखा जाए तो पाकिस्तान की महिला एजेंट भारत के मोबाइल नंबर से सोशल मीडिया अकाउंट ओपन कर सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को फंसाती हैं. सोशल के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को फंसाने के मामले सामने आए हैं.
किन किन तरह से फंसा चुकी हैं?
केस नंबर 1: पत्रकार बताकर जाल में फंसाया
पिछले साल अक्टूबर में बॉर्डर के गांव आनंदगढ़ के रहने वाले जासूस नरेंद्र कुमार (22) को गिरफ्तार किया गया था. ये दो महिलाओं के संपर्क में था. इसमें पूनम ने खुद को भटिंडा निवासी बताया था और कहा था कि वो बीएसएफ में डाटा एंट्री ऑपरेटर पद पर कार्य करती हैं. पूनम ने पहले प्यारभरी बातें की और शादी का प्रलोभन देकर जानकारी जुटाई. इसके साथ ही एक महिला ने खुद को पत्रकार बताया था और वो जानकारी ले रही थी.
केस नंबर-2: स्टूडेंट बनकर जानकारी मांगी
साल 2023 में डीआरडीओ के नामी साइंटिस्ट प्रदीप कुरुलकर भी इसका शिकार हो गए थे. इस केस में लड़की ने खुद को बताया कि वो मूल रूप से अंबाला की रहने वाली है और साइंस की स्टूडेंट है. उसे डिफेंस रिसर्च से जुड़ी बातों में खास इंटरेस्ट है और इसी वजह वो उन्हें सोशल मीडिया पर फॉलो करती है. इसके बाद से बात बढ़ती गई और जानकारी शेयर होने लगी.
केस नंबर-3: न्यूड वीडियो के जाल में फंसा
साल 2014 में पाकिस्तान की एक महिला जासूस के जाल में फंसकर सेना के अहम राज बताने के आरोप में एक भारतीय जवान को गिरफ्तार किया गया था. बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी महिला जासूस भारतीय सेना की अहम जानकारियों के एवज में भारतीय जवान को भारी रकम देने के अलावा अपनी न्यूड तस्वीरें और वीडियो करती थी. साथ ही लालच दिया था कि वो उन्हें लदंन की ट्रिप भी करवाएंगी. महिला ने बताया था कि उसके पिता भारतीय वायुसेना के रिटायर कमांडर हैं और संयुक्त राष्ट्र के लिए झांसी में एनजीओ चलाते हैं.
केस नंबर-4: नर्सिंग स्टाफ बताया
साल 2022 में राजस्थान के श्रीगंगानगर से दो युवकों को गिरफ्तार किया गया था.इस केस में महिला ने खुद को ग्वालियर (मध्य प्रदेश) की रहने वाली और बेंगलुरु स्थित मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) में पोस्टेड होना बताया था. महिला एजेंट ने आरोपी को दिल्ली आकर मिलने और शादी करने का झांसा देकर आर्मी से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों के फोटोग्राफ्स मांगे थे.
केस नंबर-5: आर्मी का अफसर बताया
एक केस में करौली स्थित सपोटरा के मसावता का रहनेवाला रविप्रकाश मीणा गिरफ्तार किया गया था. ये सेना भवन में चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी था. पाकिस्तानी महिला एजेंट खुद को इंडियन आर्मी की महिला अधिकारी अंजलि बताती थी और कहती थी कि वह पश्चिम बंगाल में पदस्थ है.
केस नंबर-6: एयरफोर्स के जवान को फंसाया
2015 में रंजीत केके नाम के एक एयरमैन को अरेस्ट किया गया था. उसे दिल्ली पुलिस के अपराध शाखा, सैन्य खुफिया और वायुसेना यूनिट ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर पकड़ा था. उसे एक पाकिस्तानी लेडी एजेंट ने अपने जाल में फंसाया था. इसी छानबीन में पता चला है कि मामले की शुरुआत फेसबुक चैटिंग से हुई थी.रक्षा विश्लेषण क्षेत्र में काम करने का दावा करके युवक को फंसाया गया था.