क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय एक सरकारी विभाग है जो वाहनों के रजिस्ट्रेशन से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने, वाहनों का बीमा और परिवहन वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट आदि काम करता है. ये इन सभी के लिए एक आरटीओ ऑफिसर (Regional Transport Officer) जिम्मेदार होता है. इसे भारत के प्रतिष्ठित सरकारी विभागों में से एक माना जाता है. कई उम्मीदवार RTO Officer बनने के सपना देखते हैं. आइए जानते हैं एक आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए, उनका क्या काम होता है, मासिक वेतन आदि.
कौन बन सकता है आरटीओ ऑफिसर?
आयु सीमा
जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 21 वर्ष से 30 वर्ष तक है, ओबीसी कैटेगरी के लिए 21 वर्ष से 33 वर्ष तक है और एससी या एसटी कैटेगरी के लिए आयु सीमा 21 वर्ष से 37 वर्ष तक है.
आरटीओ ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया
आरटीओ ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया स्टेट सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित की जाती है जिसमें मुख्य तौर पर तीन चरण होते हैं. पहले चरण में लिखित परीक्षा, दूसरे चरण में फिटिनेस टेस्ट या मेडिकल टेस्ट और तीसरे चरण में इंटरव्यू राउंड आयोजित किया जाता है.
आरटीओ ऑफिसर की भूमिका और जिम्मेदारियां
वेतन के अलावा मिलते हैं ये लाभ
आरटीओ ऑफिसर का वेतन और लाभ
एक आरटीओ ऑफिसर का औसत वेतन 30,000 रुपये से 60,000 रुपये प्रति माह होता है. हालांकि, वेतन विभिन्न कारकों जैसे अनुभव, कार्य प्रोफाइल, क्षेत्र, प्रदर्शन आदि के आधार पर अलग-अलग हो सकता है. इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में आरटीओ ऑफिसर का वेतन कम या ज्यादा हो सकता है.