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Career Guidance: बनना चाहते हैं RTO officer? जानें योग्यता, जिम्मेदारियां और वेतन

आरटीओ ऑफिसर की भर्ती स्टेट सर्विस कमीशन द्वारा की जाती है जिसके लिए 21 से 30 वर्ष (आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा छूट दी जाती है) तक के ग्रेजुएट उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. आरटीओ ऑफिसर बनने से पहले उम्मीदवारों को लोअर ग्रेड पदों पर नौकरी दी जाती है.

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How to Become an RTO Officer (Image: Freepik.com)
How to Become an RTO Officer (Image: Freepik.com)

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय एक सरकारी विभाग है जो वाहनों के रजिस्ट्रेशन से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने, वाहनों का बीमा और परिवहन वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट आदि काम करता है. ये इन सभी के लिए एक आरटीओ ऑफिसर (Regional Transport Officer) जिम्मेदार होता है. इसे भारत के प्रतिष्ठित सरकारी विभागों में से एक माना जाता है. कई उम्मीदवार RTO Officer बनने के सपना देखते हैं. आइए जानते हैं एक आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए, उनका क्या काम होता है, मासिक वेतन आदि.

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कौन बन सकता है आरटीओ ऑफिसर?

  • सबसे पहले किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या कॉलेज से किसी भी विषय में बैचलर डिग्री प्राप्त की हो. 
  • संबंधित पद के लिए डिप्लोमा कोर्स किया हो.
  • आरटीओ भर्ती के लिए सभी चरणों में पास होना चाहिए.
  • लॉअर ग्रेड ऑफिसर जैसे असिस्टेंट आरटीओ या मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) पद नौकरी प्राप्त करनी होगी.
  • लॉअर ग्रेड पर कुछ साल काम करके अनुभव प्राप्त करने के बाद रिजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसयर यानी आरटीओ ऑफिसर बना सकता है.

आयु सीमा
जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 21 वर्ष से 30 वर्ष तक है, ओबीसी कैटेगरी के लिए 21 वर्ष से 33 वर्ष तक है और एससी या एसटी कैटेगरी के लिए आयु सीमा 21 वर्ष से 37 वर्ष तक है.

आरटीओ ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया
आरटीओ ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया स्टेट सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित की जाती है जिसमें मुख्य तौर पर तीन चरण होते हैं. पहले चरण में लिखित परीक्षा, दूसरे चरण में फिटिनेस टेस्ट या मेडिकल टेस्ट और तीसरे चरण में इंटरव्यू राउंड आयोजित किया जाता है.

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आरटीओ ऑफिसर की भूमिका और जिम्मेदारियां

  • नागरिकों को मोटर वाहन अधिनियम का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी आरटीओ की होती है.
  • वाहन की नंबर प्लेट के लिए आवेदन करने वाले लोगों को वाहन रजिस्ट्रेशन नंबप देने की जिम्मेदारी भी आरटीओ की है.
  • ड्राइविंग टेस्ट लेने और इसके लिए आवेदन करने वाले लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस देने की जिम्मेदारी आरटीओ की होती है.
  • सड़क पर वाहन चलाने के लिए जरूरी सभी दस्तावेज पास कराने की जिम्मेदारी आरटीओ की होती है.

वेतन के अलावा मिलते हैं ये लाभ

  • सरकारी काम के लिए कार की सुविधा मिलती है.
  • कई राज्यों में बहुत कम कीमत पर आवास की सुविधा मिल सकती है.
  • सरकारी कामकाज में मदद मिलती है.
  • प्राइवेट कैबिन मिलता है.
  • कई प्रकार के भत्तों का लाभ मिलता है. 
  • मेडिकल सुविधा मिलती है.
     

आरटीओ ऑफिसर का वेतन और लाभ
एक आरटीओ ऑफिसर का औसत वेतन 30,000 रुपये से 60,000 रुपये प्रति माह होता है. हालांकि, वेतन विभिन्न कारकों जैसे अनुभव, कार्य प्रोफाइल, क्षेत्र, प्रदर्शन आदि के आधार पर अलग-अलग हो सकता है. इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में आरटीओ ऑफिसर का वेतन कम या ज्यादा हो सकता है.

 

 

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