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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और अमेरिका की फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन के इनविटेशन पर अमेरिका की यात्रा पर हैं. इस बार पीएम मोदी ने अमेरिका में एक रिकॉर्ड बनाया है. वे भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने दूसरी बार अमेरिकी संसद के दोनों सदनों सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. इससे पहले उन्होंने साल 2018 में अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के ज्वॉइंट सेशन को संबोधित किया था. आइए जानते हैं दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका की संसद कितनी शक्तिशाली है? दोनों सदनों की खास बातें और एक-दूसरे से कैसे अलग हैं?
अमेरिकी संसद के बारे में
अमेरिकी संसद को दो सदनों द्वारा से संचालित किया जाता है - संसद का एक सदन वह है जिसे संघीय सभा (Senate) कहा जाता है, और दूसरा सदन है जिसे प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) कहा जाता है. सीनेट, अमेरिका का ऊपरी सदन और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स निचला सदन है. हालांकि दोनों सदनों के पास कानून बनाने और पारित करने का अधिकार है, लेकिन उनकी संरचना, शक्तियों और भूमिकाओं में काफी अंतर हैं.
200 साल से भी ज्यादा पुराना है अमेरिकी 'हाउस' का इतिहास
अमेरिकी कांग्रेस जिसे 'हाउस' भी कहा जाता है, का इतिहास 200 साल से भी ज्यादा पुराना है. संविधान के जनक और प्रारंभिक कांग्रेस में सदन के सबसे महत्वपूर्ण राजनेता जेम्स मैडिसन का मानना था कि सदन के प्रति "लोगों पर तत्काल निर्भरता और उनके साथ गहरी निष्ठा" होना जरूरी है. इसके लिए 1789 में अमेरिकी सदन की आधारशिला रखी गई. सदन के गठन के साथ ही लोगों के मत से प्रतिनिधि चुने गए. पहली कांग्रेस 4 मार्च 1789 को बुलाई गई और सदन ने अपना उद्घाटन सत्र 1 अप्रैल 1789 को न्यूयॉर्क शहर में आयोजित किया था.
सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के सदस्य
सीनेट: संघीय सभा (सीनेट) में प्रत्येक राज्य से दो सदस्य होते हैं. इस समय अमेरिका में 50 राज्य हैं, उनमें आबादी कम हो या ज्यादा, इससे सीनेट के सदस्यों के चयन पर कोई फर्क नहीं पड़ता. हर राज्य के दो सीनेट सदस्य (कुल 100 सदस्य) होते हैं. सीनेटर अलग-अलग छह साल के कार्यकाल के लिए काम करते हैं और सीनेट की एक तिहाई सीटों पर हर दो साल में चुनाव होता है.
प्रतिनिधि सभा: हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स अमेरिकी कांग्रेस का निचला सदन है. इसमें 435 प्लस 3 सदस्य होते हैं. विशेष प्रावधान के तहत वॉशिंगटन डीसी के 3 सदस्यों को रखा जाता है. इस सदन के सदस्यों का कार्यकाल 2 साल होता है. इसके बाद तुरंत सदन के नए सदस्य चुने जाते हैं.
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चुनाव क्षेत्र (Constituency)
सीनेट: सीनेट के सदस्यों का चुनाव जनसंख्या के आधार पर नहीं होता. हालांकि सीनेटर उस पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं जहां से वे चुने जाते हैं. सीनेटर्स का पूरा फोकस उन व्यापक मुद्दों और चिंताओं पर होता है जो उनसे संबंधित राज्यों को प्रभावित करते हैं.
प्रतिनिधि सभा: प्रतिनिधि प्रत्येक राज्य के भीतर विशिष्ट जिलों से चुने जाते हैं, और वे स्थानीय स्तर पर उन्हीं जिलों का प्रतिनिधित्व करते हैं. वे अक्सर जिला-विशिष्ट मुद्दों और चिंताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं.
शक्तियां और जिम्मेदारियां (Powers and Responsibilities)
सीनेट: देश का उप-राष्ट्रपति सीनेट का सभापति होता है. वो सदन की अध्यक्षता करता है लेकिन किसी बहस का हिस्सा नहीं होता. उप-राष्ट्रपति को केवल तभी अपना वोट देने की अनुमति है जब किसी मामले में सीनेट में वोट बराबर हो जाएं. ऐसे में वो जिस ओर जाता है, वही फैसला अंतिम माना जाता है.
सीनेट के पास कई अनूठी शक्तियां हैं, जैसे राष्ट्रपति की नियुक्तियों की पुष्टि करना (कैबिनेट सदस्यों, संघीय न्यायाधीशों और राजदूतों सहित) और कार्यकारी शाखा द्वारा की गई संधियों की पुष्टि करना. सीनेट के पास संघीय अधिकारियों के खिलाफ महाभियोग के मामलों की सुनवाई करने की भी शक्ति है. इसके अलावा, सीनेट के पास राजदूतों, जजों और मंत्रीमंडल के सदस्यों की नियुक्तियां करने की शक्ति होती है. यही नहीं, सीनेट सदन के साथ विधायी शक्तियां (legislative powers) साझा करती है, जिसमें विधेयकों पर प्रस्ताव देना और मतदान करना शामिल है. अपनी शक्तियों की वजह से सीनेट को दुनिया का सबसे पावरफुल सदन भी माना जाता है.
प्रतिनिधि सभा: इस सदन के पास राजस्व-संबंधी बिल (जैसे कर कानून) शुरू करने और संघीय अधिकारियों पर महाभियोग चलाने की शक्ति है. यदि किसी उम्मीदवार को चुनावी वोटों का बहुमत नहीं मिलता है तो इसके पास राष्ट्रपति का चुनाव करने का अधिकार है. सदन सीनेट के साथ विधायी शक्तियां भी साझा करता है.
कैसे चुने जाते हैं अमेरिकी संसद के सदस्य?
प्रतिनिधि सभा का सदस्य बनने के लिए, एक व्यक्ति की आयु कम से कम 25 वर्ष होनी चाहिए, कम से कम सात वर्षों तक अमेरिकी नागरिक होना चाहिए, और जिस राज्य का वे प्रतिनिधित्व करते हैं, उसका निवासी होना चाहिए. वहीं सीनेट के लिए, कम से कम आयु सीमा 30 वर्ष है. उम्मीदवार का 9 वर्ष तक अमेरिकी नागरिक होनी चाहिए.
कुल मिलाकर, सीनेट की स्थापना राज्यों को समान प्रतिनिधित्व प्रदान करने के लिए की गई थी, जबकि प्रतिनिधि सभा को प्रत्येक राज्य की जनसंख्या को प्रतिबिंबित करने और अधिक स्थानीय प्रतिनिधित्व प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया था. दोनों सदन विधायी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और अमेरिकी सरकार के भीतर जांच और संतुलन की प्रणाली के रूप में कार्य करते हैं.
प्रतिनिधियों ने लिखा बाइडेन को पत्र
पीएम मोदी के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित करने से पहले 75 यूएस सांसदों और कांग्रेस प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति बाइडेन को पत्र लिखकर कहा कि वो भारत-अमेरिका के संबंधों को मजबूत करने के लिए काम करें लेकिन साथ ही पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान चिंता के कुछ विषयों पर भी चर्चा करें. मंगलवार दोपहर लिखे पत्र में सांसदों ने अमेरिकी विदेश विभाग और सिविल सोसाइटी की रिपोर्टों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति से कहा कि वो पीएम मोदी से बातचीत में भारत में 'पॉलिटिकल स्पेस के कम कम होने, धार्मिक असहिष्णुता के बढ़ने, सिविल सोसाइटी संगठनों और पत्रकारों को निशाना बनाने, प्रेस और इंटरनेट पर बढ़ते प्रतिबंधों' का मुद्दा उठाएं.