मौसम में जब-जब बदलाव होता है तो कुछ खास लफ्ज़ सुनने को मिलते हैं. गर्मियों में 'लू' तो सर्दियों में 'शीतलहर' का कहर शुरू हो जाता है. यूं तो हम इन शब्दों का मतलब अपने हिसाब से निकाल लेते हैं, लेकिन सारे शब्द ऐसे नहीं होते. आइये विश्व मौसम विज्ञान दिवस (World Meteorological Day) पर जानते हैं कि IMD कैसे तय करता है मौसम के इन शब्दों की कंडीशन.
लू
मैदानी इलाकों में अगर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा और पहाड़ी इलाकों में 30 डिग्री सेल्सियस या उसके पार चला जाए तो उस स्थिति को लू कहा जाता है.
प्रदूषण
दिल्ली में प्रदूषण का प्रकोप ज्यादा रहता है. इसे वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई द्वारा मापा जाता है. शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 से 100 के बीच को 'संतोषजनक', 101 से 200 को 'मध्यम', 201 से 300 को 'खराब', 301 से 400 को 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच एक्यूआई को 'गंभीर' माना जाता है.
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस
पश्चिमी विक्षोभ या वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भूमध्यसागरीय क्षेत्र में उत्पन्न होने वाला एक तूफान है, जो भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी भागों में बारिश लाता है, यह बरसात मॉनसून की बरसात से अलग होती है. पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आकाश में बादल छा जाते हैं और रात का तापमान बढ़ जाता है, असमय वर्षा होती है.
कोल्ड डे
मौसम विभाग के अनुसार, एक ठंडा दिन तब माना जाता है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम रहे और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया जाए.
हल्का और घना कोहरा
बहुत घना कोहरा तब कहा जाता है, जब दृश्यता शून्य से 50 मीटर के बीच होती है. 51 से 200 मीटर के बीच दृश्यता को घना कोहरा, 201 से 500 को मध्यम और 501 से 1,000 मीटर के बीच दृश्यता को हल्का कोहरा कहा जाता है.
शीतलहर
मैदानी इलाकों में जब न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है तो IMD शीतलहर की घोषणा करता है. शीतलहर की घोषणा तब भी की जाती है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम हो और सामान्य से 4.5 डिग्री कम हो. वहीं , "गंभीर" शीतलहर तब होती है जब न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है या फिर तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस कम हो.