उत्तर प्रदेश के 'यंग साइंटिस्ट' मुनीर खान ने अपनी प्रतिभा और तकनीकी कौशल से दुनिया भर में धूम मचा दी है. लखीमपुर खीरी के साधारण परिवार से आने वाले 28 वर्षीय मुनीर खान ने अपनी मेहनत और लगन से कई नई तकनीकों का आविष्कार किया है, जो आम लोगों की जिंदगी को आसान बनाने में मदद कर रही हैं. उनके कई अविष्कारों में सबसे ज्यादा खास दृष्टिहीन लोगों के लिए AI-चश्मा माना जा रहा है.
फोटो सोर्स: 'X' @khanmuneer33
मुनीर खान के बारे में
मुनीर खान का जन्म यूपी के लखीमपुर खीरी के छोटे से कस्बे गौरिया में 1996 में हुआ था. इनकी शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने इंटर कॉलेज और फिर उत्तराखंड के भीमताल स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ अप्लाइड साइंसेज में पढ़ाई की. आगे के पढ़ाई के लिए वे विदेश चले गए.
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उन्होंने फ्रांस और रूस में अपने इंटर्नशिप के दौरान, मुनीर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेंसर टेक्नोलॉजी में गहरी रुचि जागी. कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद, उन्होंने कैड्रे टेक्नोलॉजीज (USA & India) की स्थापना की.
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डिहाइड्रेशन का पता लगाने वाले स्मार्ट वाटर बोतल
कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान, मुनीर ने 'हाइड्रोहोमी' नामक एक स्मार्ट वाटर बोतल का ईजाद किया है, जो डिहाइड्रेशन का पता लगाती है और तुरंत पानी पीने की सलाह देती है. इस प्रोजेक्ट ने उन्हें विश्वविद्यालय से 'बेस्ट प्रोजेक्ट अवार्ड' दिलाया.
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किसानों के लिए स्मार्ट सोल टेस्टिंग डिवाइस
इसके अलावा, उन्होंने भारतीय किसानों के लिए एक 'स्मार्ट सोल टेस्टिंग डिवाइस' भी डिजाइन किया, जो मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों की पहचान कुछ ही मिनटों में कर लेता है.
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इस उपलब्धि के लिए उन्हें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा जुलाई 2024 में 'यंग साइंटिस्ट अवार्ड' से सम्मानित किया था.
दृष्टिहीन लोगों के लिए AI-चश्मा
अब, मुनीर ने अपनी नजरें दृष्टिहीन लोगों की मदद करने पर केंद्रित की है. उन्होंने 'AI-Vision Pro' नामक AI-संचालित चश्मे का आविष्कार किया है. ये चश्मे दृष्टिहीन लोगों को चेहरे पहचानने, दवाओं और खाने के सामानों में अंतर करने, साथ ही वे चलते फिरते समय अड़चनों को पहचान सकेंगे.
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इसके अलावा, छपी हुई सामग्री को वे पढ़कर उसका अर्थ समझ सकेंगे.. साथ ही वे चलते फिरते समय अड़चनों को पहचान सकेंगे। इसके अलावा, छपी हुई सामग्री को वे पढ़कर उसका अर्थ समझ सकेंगे, मुनीर ने कहा, "AI-संचालित विजन प्रो चश्मा दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए एक क्रांतिकारी सहायक गैजेट है, जो उन्हें आम जन-जीवन और काम में मदद करेगा."
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मुनीर खाने बताया, "ये चश्मे सेंसर, कैमरा, एनवीडिया जेटसन प्रोसेसर, LiDAR तकनीक और AI मॉडल कंप्यूटेशन से लैस हैं, जो पर्यावरण और आस-पास की चीजों की वास्तविक समय के बारे में जानकारी देते हैं."
मुनीर ने यह भी बताया कि, "आगामी 17 से 19 दिसंबर तक आयोजित होने वाले IIT बॉम्बे के टेकफेस्ट में इन नवीन चश्मों का पहली बार जनता के सामने प्रदर्शन किया जाएगा. यह आयोजन दृष्टिबाधित लोगों के लिए पहुंच और स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के उनके मिशन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा."
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