केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि कोरोना से सबसे बुरी तरह प्रभावित महाराष्ट्र है. यहां तीन दिन पहले शनिवार को 35726 नए केस दर्ज किए गए और 166 मौतें हुईं. इन भयावह परिस्थितियों को देखते हुए राज्य के स्कूल 15 अप्रैल तक बंद कर दिए गए हैं, लेकिन दूसरी ओर ऑफलाइन मोड में होने जा रहे बोर्ड एग्जाम बड़ी चिंता का विषय बनते जा रहे हैं. राज्य बोर्ड भले ही परीक्षाएं आगे स्थगित कर दी जाएं, लेकिन राज्य को लेकर दूसरे बोर्ड्स की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. आइए जानते हैं कि महाराष्ट्र स्टेट में किस बोर्ड के कितने स्कूल हैं, अगर लॉकडाउन आगे बढ़ा तो कैसे होंगे बोर्ड एग्जाम.
बोर्ड की ओर से दस दिन पहले ही कहा गया था कि इस साल भी महाराष्ट्र एसएसएसी और एचएससी बोर्ड एग्जाम ऑफलाइन मोड में आयोजित किए जाएंगे. लेकिन सरकार ने इस पर कुछ छूट दी है जैसे कि कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी की वजह से छात्रों को दूसरे एग्जाम सेंटर पर नहीं जाना होगा, अपने स्कूल में परीक्षाएं होंगी.
बता दें कि महाराष्ट्र बोर्ड की परीक्षाएं क्रमशः कक्षा 10 और 12 के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल से शुरू होने वाली हैं. लेकिन कहा गया है कि इस साल 10वीं क्लास के प्रैक्टिकल्स नहीं होंगे. इसके अलावा इंटरनल असाइनमेंट सबमिशन लिखित परीक्षा (21 मई-जून 10 से) के बाद होगा.
बता दें कि महाराष्ट्र राज्य के स्कूल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट की ऑफिशियल वेबसाइट education.maharashtra.gov.in के डाटा के मुताबिक पूरे महाराष्ट्र में 1,16,233 स्कूल हैं. ये सभी स्कूल कैटेगरी के अनुसार विभाजित हैं. राज्य के ज्यादातर स्कूल महाराष्ट्र बोर्ड (MHBSE) को फॉलो करते हैं. इस बोर्ड की परीक्षाओं के अलावा राज्य में स्थित सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड परीक्षाओं की चिंता भी अभिभावकों को परेशान कर रही है.
इसके अलावा राज्य में ICSE बोर्ड के करीब 250 तक स्कूल हैं जो CISCE से संबद्ध हैं. वहीं अगर सीबीएसई बोर्ड की बात करें तो पूरे महाराष्ट्र में 1069 के करीब स्कूल हैं जो Central Board of Secondary Education (CBSE) से मान्यता प्राप्त हैं. वहीं राज्य सरकार के बोर्ड से संबद्ध 2065 स्कूल हैं जो हायर सेकेंड्री या जूनियर कॉलेज हैं. इसके अलावा हायर सेकेंड्री विद सीनियर कॉलेज 624 हैं. राज्य में इंडिपिडेंट जूनियर कॉलेज 202 की संख्या में हैं. आपको बता दें कि महाराष्ट बोर्ड जहां अप्रैल के अंतिम सप्ताह से परीक्षाएं करा रहा है, वहीं ICSE और सीबीएसई बोर्ड दोनों की ही परीक्षाएं चार मई से शुरू हो रही हैं. अब सवाल यह उठता है कि अगर राज्य में स्थिति नहीं सुधरती है तो इन दोनों बोर्ड को महाराष्ट्र की स्थिति के अनुकूल ही परीक्षाओं की तिथि बदलनी होगी.
दिल्ली पेरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष अपराजिता गौतम कहती हैं कि कमोबेश दिल्ली की स्थिति भी यही है. अभिभावकों को डर है कि जिस तरह कोरोना के मामले इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में बच्चों को वो हेल्थ रिस्क पर कैसे स्कूल भेजेंगे. अगर कल को दिल्ली या दूसरे राज्यों में भी कोरोना के मामले बढ़ जाते हैं तो बोर्ड परीक्षाओं की तारीखें सबसे बड़ा संकट साबित होंगी.
बता दें कि राज्य में एक्टिव केसों की संख्या 3 लाख पहुंच गई है. राज्य में केस मृत्यु दर 2.02% है. महाराष्ट्र के कई हिस्से में लॉकडाउन लागू है, जिसकी अवधि बढ़ाकर 15 अप्रैल तक कर दी गई है. राज्य के मुख्य सचिव की ओर से निर्देश दिया गया है कि स्थानीय हालात को ध्यान में रखते हुए गैर-जरूरी गतिविधियों पर जरूरी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. वहीं राज्य के औरंगाबाद जिले में 30 मार्च से 8 अप्रैल तक सख्त लॉकडाउन की घोषणा की गई है. यहां 1700 से ज्यादा कोरोना मरीज हर रोज निकल रहे हैं. नागपुर में भी कोरोना संक्रमण की स्थिति भयावह हो गई है. शनिवार को 24 घंटों के अंदर कोरोना से 54 मौतों से जिले में हड़कंप मच गया है. इस दौरान 24 घंटों में 3688 नए केस आए हैं.