ज्वाइंट इंजीनियरिंग एंट्रेंस मेन एग्जाम (JEE Main 2022) एग्जाम में हुई गड़बड़ियों पर स्टूडेंट्स का विरोध खत्म होता नहीं दिख रहा है. एग्जाम के पहले और दूसरे चरण में बड़ी संख्या में कैंडिडेट्स को तकनीकी गड़बड़ियों का सामना करना पड़ा जिसके चलते स्टूडेंट्स NTA से नाखुश हैं.
स्टूडेंट्स का कहना है कि इतनी गड़बड़ियों के बीच हुई परीक्षाएं फेयर नहीं हैं और उन्हें परीक्षा देने के लिए एक फेयर अटेम्प्ट दिया जाना चाहिए. इसी मांग को लेकर सोमवार 22 अगस्त को देशभर में छात्रों ने कैंडल मार्च कर अपना विरोध दर्ज कराया.
एक स्टूडेंट इशिका ने बता कि एग्जाम के दूसरे अटेम्प्ट में 25 जुलाई को परीक्षा देते हुए एग्जाम सेंटर पर लाइट चली गई. पेपर रिज्यूम होने में काफी समय निकल गया मगर उन्हें एक्सट्रा टाइम नहीं दिया गया. उनके जैसे कई और स्टूडेंट्स ने भी सर्वर न होने जैसी परेशानियों का सामना किया मगर किसी की कोई सुनवाई नहीं हुई.
एक अन्य स्टूडेंट सिमिरन दास ने बताया कि उन्हें अपने रिस्पांस शीट में वे उत्तर मार्क मिले जो उन्होंने परीक्षा में मार्क नहीं किए थे. उन्होंने रिजल्ट में भी गलत पर्सेंटाइल मिलने की बात कही. उनका कहना है कि सभी तकनीकी गड़बड़ियों को दूर कर NTA को सभी कैंडिडेट्स को एक फेयर अटेप्म्ट देना चाहिए.
अपनी मांगों को लेकर छात्र लंबे समय से सोशल मीडिया पर आवाज़ उठा रहे हैं. #JEEMain3rdAttempt और #JusticeForJEEMain हैशटैग के साथ स्टूडेंट्स ने कई दिनों तक NTA और शिक्षामंत्री का ध्यान इस ओर खींचने की कोशिश की जिसका कोई फायदा नहीं हुआ.
कई टीचर्स भी स्टूडेंट्स की इस मुहिम से जुड़े हैं जिन्होंने कई स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट्स को लीड भी किया. टीचर्स ने यूट्यूब वीडियो और दूसरे ऑनलाइन टूल्स की मदद से छात्रों की परेशानी की तरफ प्रशासन का ध्यान खींचने की कोशिश की है.
इसी कड़ी में सोमवार 22 अगस्त को देश के कई शहरों में कैंडल मार्च निकाला गया. नई दिल्ली, कोटा, पटना, हैदराबाद, नागपुर समेत कई शहरों से कैंडल मार्च की तस्वीरें सामने आईं. सभी उम्मीदवारों का कहना है कि NTA को एक और परीक्षा आयोजित करनी चाहिए जिसमें सभी को एक फेयर चांस मिल सके.