केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पांचवें चरण में अनलॉक 5.0 की प्रक्रिया को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी हैं. इसके बाद यूपी-एमपी, बिहार, राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में स्कूल खोलने की तैयारी की जा चुकी है. इसे लेकर सरकार ने सख्त गाइडलाइन बनाई है.
इस गाइडलाइन के तहत कहा गया है कि स्कूलों की तरफ से स्टूडेंट्स पर कक्षाओं में आने के लिए कोई दबाव नहीं डाला जाएगा. यहां तक कि स्कूल जाने के लिए छात्रों को अभिभावकों की लिखित अनुमति को सबसे जरूरी माना गया है. इसके अलावा स्कूल ऑनलाइन कक्षाएं पहले की तरह जारी रखेंगे.
यही नहीं, केंद्र सरकार ने ये भी कहा है कि 15 अक्टूबर से स्कूल खोलने हैं या नहीं खोलने हैं, इसका फैसला भी राज्य सरकार अपने प्रदेश की यथास्थिति और तैयारियों के अनुसार लेंगे. वो अपने राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण मामलों के आकलन के बाद ही ये फैसला लेंगी. उन पर किसी तरह का दबाव नहीं है.
इसमें ये कहा गया है कि अगर बच्चे स्कूल नहीं आते और उनके अभिभावक ऑनलाइन कक्षाओं के लिए तैयार हैं तो स्कूल बिना लिखित अनुमति के बच्चों को आने के लिए नहीं कहेंगे. इसमें अटेंडेंस को लेकर बच्चों पर कोई प्रेशर नहीं दिया जाएगा.
सरकार ने ये भी स्पष्ट किया है कि स्कूल-कॉलेज या शिक्षण संस्थानों के खुलने पर राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से तैयार एसओपी का पालन करना अनिवार्य होगा. राज्य के सभी उच्च शिक्षा संस्थान 15 अक्टूबर से साइंस और टेक्नोलॉजी स्ट्रीम में पीएचडी और पोस्ट-ग्रेजुएट छात्र-छात्राओं के लिए लैबोरेट्री / एक्सपेरीमेंटल कार्यों के लिए खोलेंगे.
उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 अक्टूबर से सभी शैक्षणिक संस्थान खोलने की तैयारी पूरी कर ली है. राज्य सरकार इसके लिए गाइडलाइन तैयार कर रही है. इसके अलावा बिहार में 28 सितंबर से नौवीं से 12वीं तक के स्कूल खुल चुके हैं. 15 अक्टूबर से बिहार में भी शैक्षणिक संस्थान खोलने को कहा गया है.
वहीं दिल्ली-एनसीआर में केजरीवाल सरकार ने अपने पहले आदेश में पांच अक्टूबर तक सभी निजी व सरकारी स्कूल बंद रखने का आदेश दिया था. सरकार पांच अक्टूबर के बाद ये तय करेगी कि राज्य में क्या ऐसी स्थिति है कि 15 अक्टूबर से स्कूल-कॉलेज तय गाइडलाइन के साथ खोले जा सकें.