School Reopen 2020: कोरोना के गंभीर संकट काल के बीच दुनिया भर में स्कूल खुलने लगे हैं. थाइलैंड के एक स्कूल की ये तस्वीर देखिए, बच्चे की सेफ्टी के लिए स्कूल ने डेस्क पर ही ये बॉक्स बना दिया है.
Image Credit: Reuters
थाइलैंड से ही ये तस्वीर भी है, जहां बॉक्स के भीतर पूरे सुरक्षा इंतजाम के साथ बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं. स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन के रूल पूरी तरह लागू किए गए हैं.
Image Credit: Reuters
ये तस्वीर है चीन के एक स्कूल की, जहां से कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैला... चीन में स्कूल की हर डेस्क के सामने बोर्ड लगा है ताकि मुंह से अगर ड्रॉपलेट निकले भी तो किसी को संक्रमित न करे. स्कूल का रोज दो बार सैनिटाइजेशन भी किया जा रहा.
Image Credit: Reuters
फ्रांस के स्कूलों में सोशल डिस्टेसिंग का सख्ती से पालन किया जा रहा है. यहां प्रवेश द्वार से ही न सिर्फ बच्चों के लिए बल्कि पूरे स्टाफ के लिए एंट्री के नियम एक ही जैसे हैं.
Image Credit: Reuters
ऑस्ट्रिया के स्कूल की तस्वीर जहां बच्ची को स्कूल में एंट्री के समय ही सैनिटाइजर से हाथों को साफ करना है. इसके बाद प्रवेश द्वार से जाने के बाद पूरे दिन मास्क पहनना है. भारत में अभी कहा जा रहा है कि सितंबर तक स्कूल खुलने की गुंजाइश नहीं दिख रही.
Image Credit: Reuters
कोरोना महामारी की वजह से स्कूली छात्रों को पढ़ाई का बड़ा नुकसान सहना पड़ रहा है. मार्च के तीसरे हफ्ते से ही देश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद हैं. तस्वीर में बेल्जियम के स्कूल के बाहर थर्मल गन से बच्चे का तापमान लिया जा रहा है. पूरी दुनिया में सोशल डिस्टेंसिंग के नियम के साथ स्कूल खुलने लगे हैं.
Image Credit: Reuters
भारत में पिछले कुछ समय से स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेज के जरिए पढ़ाई कराई जा रही है. लेकिन ये व्यवस्था शहरों में बड़े स्कूलों तक ही सीमित है. अधिकतर ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की हर जगह पहुंच न होने की वजह से स्कूली पढ़ाई ठप है. तस्वीर में देखिए फ्रांस के स्कूल में कैसे दी जा रही एंट्री.
Image Credit: Reuters
बता दें कि हालिया एक सर्वे के मुताबिक मौजूदा स्थिति में ज्यादातर अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने के पक्ष में नजर नहीं आ रहे हैं. लोकल सर्किल्स की ओर से किए गए सर्वे में अभिभावकों से पूछा गया कि 15 सितंबर से स्कूल खुलते हैं तो उनकी क्या राय है. सर्वे में देश के अलग अलग हिस्सों से 25,000 से अधिक लोगों की प्रतिक्रिया ली गई.
( तस्वीर में इंडोनेशिया का एक स्कूल है)
Image Credit: Reuters
कोरोना वायरस महामारी ने आज पूरी दुनिया को हिला दिया है. स्कूल कॉलेज लंबे समय से बंद है. पैरेंट्स मांग कर रहे हैं कि वैक्सीन बनने के बाद ही स्कूल खोले जाएं. ठीक ऐसे समय एम्स के डॉक्टरों ने कहा है कि स्कूल-कॉलेज खुल जाने चाहिए. इससे बच्चों में हर्ड इम्युनिटी बढ़ेगी.
( तस्वीर में पुर्तगाल का एक स्कूल है)
Image Credit: Reuters
डॉक्टरों का कहना है कि आज भी कई बीमारियां हैं, जिनके लिए टीके नहीं बन सके. अब अगर कोविड -19 के साथ ऐसा होता है, तो रोग प्रतिरोधक क्षमता महामारी को समाप्त करने का एकमात्र उपाय हर्ड इम्यूनिटी ही है. आप तस्वीर में देखिए सर्बिया में किस तरह क्लासरूम का प्रारूप बदल गया है, लेकिन स्कूल यहां भी पूरी तरह खुल गए हैं.
Image Credit: Reuters