Duplicate marksheet scam: गुजरात के सूरत में डुप्लीकेट मार्कशीट की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा हुआ है, जिसके तार फरीदाबाद तक जुड़े हुए हैं. कुछ समय पहले केरल के तिरुवनंतपुरम में सूरत के एक शख्स अक्षर भरत भाई कथड़तिया को गिरफ्तार किया था. अक्षर पर आरोप था कि उसने इटली जाने के लिए जो डॉक्यूमेंट तैयार किए हैं उसमें जो मार्कशीट लगाई है वह डुप्लीकेट है. इस मामले पर जमानत पर छूटने के बाद जब अक्षर सूरत पहुंचा तो उसकी माता ने स्थानीय सिंगणपोर पुलिस थाने में एक एप्लीकेशन का पुलिस को जानकारी दी थी कि उसके बेटे के पास से बरामद हुई मार्कशीट उसके द्वारा नहीं बनाई गई है उसे नीलेश सावलिया नामक शख्स ने बनाकर दी है.
पकड़े गए अक्षर की मां ने खोला राज
सिंगणपोर पुलिस ने अक्षर की माता की एप्लीकेशन पर जांच पड़ताल शुरू की तो उसने निलेश सावलिया नामक शख्स को हिरासत में लिया था. पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि वह फरीदाबाद के एक मनोज कुमार नामक शख्स के पास से देश की विविध यूनिवर्सिटी और शिक्षण बोर्ड के नाम की डुप्लीकेट मार्कशीट कुरियर से मंगवाकर जरूरतमंद लोगों को पैसे लेकर मुहैया करवाता है.
137 डुप्लीकेट मार्कशीट जप्त
इस जानकारी के बाद सिंगणपोर पुलिस ने निलेश सावलिया के ठिकाने पर छापा मारा था जहां से पुलिस ने गुजरात समेत देश के विविध राज्यों की यूनिवर्सिटी और शिक्षण बोर्ड के नाम की बनाई गई 137 डुप्लीकेट मार्कशीट जप्त की. पुलिस ने इस मामले में नीलेश सावलिया को विधिवत रूप से गिरफ्तार कर लिया है.
डुप्लीकेट मार्कशीट बनवाकर बेचता था नीलेश सावलिया
पुलिस की गिरफ्त में खड़ा यह वही शख्स नीलेश सावलिया है जो पिछले कई सालों से देश की अलग-अलग शिक्षण बोर्डो और यूनिवर्सिटी के नाम की डुप्लीकेट मार्कशीट बनाकर लोगों को बेचता था. नीलेश सावलिया से संबंधित जब एक एप्लीकेशन स्थानीय सिंगणपोर पुलिस को मिली, तब पुलिस ने उसे एप्लीकेशन में लगाए गए आरोपों का की जांच पड़ताल शुरू की. जांच के दौरान पाया गया की नीलेश सांवलिया वाकई में डुप्लीकेट मार्कशीट बनवाकर बेचने के कारोबार से जुड़ा हुआ है.
गुजरात से हरियाणा तक फैला है फर्जी मार्कशीट का कालाबाजार
सूरत का रहने वाला निलेश सावलिया फरीदाबाद के निवासी मनोज कुमार नामक शख्स के पास से यह डुप्लीकेट मार्कशीट तैयार करवा कर मंगवाता था और फिर इस तरह की डुप्लीकेट मार्कशीट बनवाने वाले इच्छुक लोगों को अच्छी खासी रकम लेकर बेच देता था.
एक डुप्लीकेट मार्कशीट के 60 हजार रुपये
तिरुवनंतपुरम में पकड़े गए अक्षर नामक शख्स को नीलेश ने केरल एजुकेशन बोर्ड की 12वीं पास की डुप्लीकेट मार्कशीट 60 हजार लेकर बेची थी. केरल एजुकेशन बोर्ड द्वारा डुप्लीकेट मार्गशीट पकड़ी गई थी और अक्षर पर केस दर्ज हुआ.
पिछले 13 से चल रहा था डुप्लीकेट मार्कशीट का काला कारोबार
इस मामले की जानकारी देते हुए सूरत पुलिस के डीसीपी पिनाकिन परमार ने बताया कि सूरत का निलेश सावलिया और फरीदाबाद का मनोज कुमार 2011 से एक दूसरे के संपर्क में थे. निलेश सावलिया के आर्डर पर मनोज कुमार अलग-अलग बोर्ड और यूनिवर्सिटी की मार्कशीट बनाकर कुरियर से सूरत भेज देता था और उसके बाद निलेश जरूरतमंद लोगों को वह डुप्लीकेट मार्कशीट दे दिया करता था. पिछले 13 सालों से सूरत से सिंगणपोर इलाके में डुप्लीकेट मार्कशीट का काला कारोबार चल रहा था और इसकी भनक पुलिस या अन्य किसी व्यक्ति को नहीं लगी.
हो सकता है बड़ा खुलासा
माना जा रहा है कि फरीदाबाद का रहने वाला मनोज कुमार देश में सिर्फ निलेश सावलिया के साथ ही संपर्क में नहीं होगा ऐसे न जाने कितने और लोग रहे होंगे जो वर्षों से देश के अलग-अलग राज्यों में डुप्लीकेट मार्कशीट बनवाने का काला कारोबार कर रहे होंगे. उन्हें डुप्लीकेट मार्कशीट का उपयोग करके न जाने कितने लोग अपने इरादों को पूरा भी कर चुके होंगे. फरीदाबाद का मनोज कुमार का नेटवर्क अंतर राज्य स्तर का है जिसकी कोई देश लेवल पर बड़ी जांच एजेंसी जांच करें तो बहुत बड़ा खुलासा हो सकता है.