अमेरिका (US) में 46वें राष्ट्रपति के तौर पर जो बाइडेन 20 जनवरी 2021 को शपथ (Oath) लेंगे. अभी इसमें 70 से ज्यादा दिन बाकी हैं. अमेरिकी चुनाव जीतने के बाद टीवी स्क्रीन्स पर जो बाइडेन के राष्ट्रपति (President) बनने की खबरें दिखाई जा रही हैं. जानिए- अब दो महीने जो बाइडेन क्या करेंगे. क्या है अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया में इस दो माह का मतलब.
अमेरिका में यूएस इलेक्शन का रिजल्ट आने के बाद राष्ट्रपति का कार्यकाल शुरू होने के बीच के समय को प्रेजिडेन्शियल ट्रांजिशन कहा जाता है. अब जो बाइडेन के लिए ये 70 दिन का प्रेजिडेन्शियल ट्रांजिशन का समय है.
ट्रांजिशन के दौरान लोगों के द्वारा चुने गए राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार एक ट्रांज़िशन टीम बनाते हैं. जो चुनाव के बाद होने वाले इनॉगरेशन के तुरंत बाद काम शुरू करने के लिए अपनी जरूरी तैयारी शुरू कर देती है. आइए जानें कि इनॉगरेशन क्या होता है.
नए राष्ट्रपति का कार्यकाल 20 जनवरी की दोपहर को आधिकारिक तौर पर शुरू होता है. ये अमेरिका के संविधान के अनुसार इसी दिन शुरू होता है. जीत के बाद राजधानी वॉशिंगटन डीसी में एक खास समारोह आयोजित होता है. ये आयोजन ही इनॉगरेशन कहलाता है. इस समारोह में सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस नए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाते हैं.
अमेरिका (US) में न्यूज नेटवर्क ही चुनावी दौड़ के दौरान नतीजे बताते हैं, क्योंकि इसके लिए वहां कोई राष्ट्रीय चुनाव निकाय नहीं है, जो नतीजों (Results) की घोषणा कर सके. अमेरिका में राज्य स्तर पर चुनाव होते हैं, आधिकारिक (Officially) रूप से रिजल्ट घोषित होने से पहले एक लंबी प्रक्रिया होती है. कागजी कार्रवाई खत्म होने के लिए भी एक समय सीमा तय की जाती है.
अमेरिका में 8 दिसंबर तक राज्य स्तर पर वोटों की गिनती और कानूनी चुनौतियों के मुद्दे हल होने की उम्मीद जताई जा रही है. 538 इलेक्टोरल कॉलेज इन रिजल्ट्स पर अपनी आधिकारिक मुहर लगाकर उन्हें अमेरिकी कांग्रेस को सौंपेंगे. 6 जनवरी, 2021 को अमेरिकी कांग्रेस एक संयुक्त सत्र आयोजित करेगी, जहां मौजूदा उपराष्ट्रपति माइक पेंस औपचारिक रूप से राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम की घोषणा करेंगे.
फिलहाल बाइडन और कमला हैरिस ने ट्रांज़िशन वेबसाइट बनाकर जानकारी दी है कि वो आगे की तैयारी में लगे हैं. वेबसाइट पर लिखा है कि देश के सामने आज महामारी से लेकर आर्थिक मंदी तक और जलवायु परिवर्तन से लेकर नस्लीय अन्याय तक कई गंभीर मुद्दे हैं. ट्रांज़िशन टीम तेज़ी से तैयारी कर रही है ताकि पहले दिन से ही बाइडन-हैरिस प्रशासन काम शुरू कर सके. इसके बाद दोनों नेता कैबिनेट के सदस्य चुनेंगे और नीतियों और प्रशासन के बारे में चर्चा करेंगे.
अब ट्रांजिशन टीम के सदस्य संघीय एजेंसियों से संपर्क करके अलग-अलग काम के लिए समय सीमा और बजट जैसी चीजों के साथ-साथ कौन से करियर स्टाफ क्या करते हैं, आदि तमाम जानकारी इकट्ठा करेंगे. यही नहीं वो नए कर्मचारियों के लिए ज़रूरी जानकारी इकट्ठा करते हैं और उसके बाद इनॉगरेशन की तैयारियों में भी मदद करते हैं. इनमें से कुछ बाद में राष्ट्रपति या उप-राष्ट्रपति के साथ काम करते हैं. फिलहाल चुनाव में अभी ट्रंप की ओर से कानूनी कार्रवाई को लेकर भी एक वक्त दिया जाएगा.