क्या आपने कभी सोचा है कि स्पेस में एस्ट्रोनॉट्स सिर्फ सफेद कपड़े में ही क्यों होते हैं? आपने फिल्मों और स्पेस मिशन से संबंधित खबरों में एस्ट्रोनॉट्स को कभी भी काले, लाल या हरे रंग के कपड़ों में नहीं देखा होगा. वे हमेशा सफेद कपड़ों में ही होते हैं.
नासा या ISRO किसी भी स्पेस एजेंसी से शेयर की गई तस्वीरों में आपने एस्ट्रोनॉट्स को सफेद सूट में ही देखा होगा. तो चलिए जानते हैं इसके पीछे का कारण.
आपको बता दें कि अंतरिक्ष की यात्रा काफी कठिन होती है. इसलिए वहां के हिसाब से स्पेशल सूट बनाए जाते हैं.
एक एंडवास्ड क्रू एस्केप सूट (ACES) और दूसरा एक्सट्रा व्हीकुलर एक्टीविटी सूट (EVAS). इसमें ऑरेंज कलर वाले ड्रेस को एंडवास्ड क्रू एस्केप सूट और सफेद कलर वाले को एक्सट्रा व्हीकुलर एक्टीविटी सूट कहते हैं.
कपड़ों के हिसाब से धरती से अंतरिक्ष की यात्रा दो चरणों में होती है. पहली धरती से लॉन्च की और दूसरी स्पेस के अंदर प्रवेश करने की यात्रा.
लॉन्चिंग के समय एस्ट्रोनॉट ऑरेन्ज कलर का सूट पहनते हैं. लॉन्चिंग के वक्त स्पेसक्राफ्ट समुद्र के ऊपर से गुजर रहा होता है, तो उसका बैकग्राउंड ब्लू कलर का हो जाता है.
दरअसल, अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद एस्ट्रोनॉट्स का बैकग्राउंड काला हो जाता है. इसीलिए सफेद रंग सूरज के कारण इस्तेमाल किया जाता है. धरती के मुकाबले अंतरिक्ष में यात्री सूरज की रोशनी के काफी करीब होता है.
ऐसे में उसकी गर्मी से बचने के लिए सूट को सफेद रंग से डिजाइन किया जाता है. सफेद रंग लाइट को रिफ्लेक्ट करता है.
इसीलिए इस सूट को सफेद रंग का बनाया जाता है. क्योंकि ये रंग अगर लाइट को रिफ्लेक्ट करेगा तो जाहिर तौर पर गर्मी कम लगेगी.