Student Suicide: राजस्थान की 'शिक्षा नगरी' कहे जाने वाले कोटा में 10वीं की एक छात्रा ने फांसी का फदा लगाकर सुसाइड कर दिया है. बताया जा रहा है कि पिता ने अपने अपनी 16 वर्षीय बेटी को मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने से मना किया था, जिसके बाद छात्रा नाराज हो गई और गुस्से में कमरे में जाकर पंखे से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया है. परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से कमरे का गेट खोलकर उसे फंदे से उतारा तब तक देर हो चुकी थी.
अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया. रविवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया. कोटा में 16 साल की छात्रा ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया, बालिका को उसके पिता ने मोबाइल गेम खेलने से मना किया और डांटा था, इस बात से नाराज होकर उसने फंदा लगा लिया,
दरअसल, राजस्थान बोर्ड परीक्षा फरवरी-मार्च 2024 में आयोजित की जाएगी. 12वीं बोर्ड परीक्षा 29 फरवरी से और 10वीं की बोर्ड परीक्षा 07 मार्च 2024 से शुरू होगी. मिली जानकारी के अनुसार, छात्रा के पिता ने उसे बोर्ड परीक्षा के चलते मोबाइल फोन पर गेम खलने से मना किया और डांटा था. इसी बात से नाराज होकर छात्रा अपने कमरे में चली गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया. कुछ समय बाद उसे खाने के लिए बुलाया तो उसने दरवाजा तक नहीं खोला. रविवार रात करीब आठ बजे उसे खाने के लिए आवाज लगाई, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया. काफी देर तक दरवाजा खटखटाने पर जब दरवाजा नहीं खुला तो घरवालों को आशंका हुई. पड़ोसियों को बुलाया और दरवाजा तोड़कर देखा तो अंदर कृपांशी फंदे पर लटकी हुई थी.
जांच अधिकारी द्वारका प्रसाद ने बताया कि मामला बोरखेड़ा के बजरंग नगर का है. यहां के रहने वाले बनवारीलाल की बेटी कृपांशी (उम्र 16 वर्ष) मोबाइल पर गेम खेल रही थी. बनवारीलाल प्राइवेट काम करते हैं. उन्होंने कृपांशी से मोबाइल मांगा और कृपांशी को डांट दिया. उन्होंने कहा कि पढ़ाई में ध्यान लगाओ, दसवीं क्लास में पढ़ती हो एग्जाम आने वाले हैं. दिनभर जब भी देखो मोबाइल में लगी रहती है. पिता की डांट से कृपांशी नाराज हो गई और मोबाइल देकर कमरे में चली गई.पड़ोसियों की मदद से लड़की को नीचे उतारा और तुरंत हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया.
बता दें कि कोटा में छात्र आत्महत्या के मामलों ने दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़े हैं. इस साल अक्टूबर 2023 तक 27 स्टूडेंट सुसाइड मामले सामने आए थे, जो नवंबर में बढ़कर 29 हो गए हैं. कोटा में लगातार बढ़ रहे स्टूडेंट सुसाइड मामलों को देखते हुए प्रशासन ने कई तरह के कदम उठाए हैं. छात्र-छात्राओं को घर जैसा माहौल देने और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाई लेवल मीटिंग हो रही हैं. ताकि छात्र आत्महत्या जैसा खतरनाक कदम न उठा सके.
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