हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्वाचन क्षेत्र नादौन के अंतर्गत आने वाले राजकीय प्राथमिक विद्यालय पथियालू में एक टीचर का ट्रांसफर कर दिया गया है. इससे स्कूली छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों में रोष व्याप्त हो गया है. अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने टीचर का ट्रांसफर रद्द करने के लिए हमीरपुर के उप शिक्षा निदेशालय से भी गुहार लगाई है. लेकिन अभी तक टीचर का ट्रांसफर रद्द नहीं किया गया है.
इस कारण छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने के लिए स्कूल नहीं जा रहे हैं. वहीं, अभिभावकों ने शिक्षा विभाग को चेतावनी दी है कि यदि टीचर का ट्रांसफर नहीं रोका गया तो उनके सभी बच्चों को पथियालू स्कूल से हटाकर किसी अन्य स्कूल में डाल दिया जाएगा और इससे स्कूल बंद हो जाएगा. अभिभावकों ने बताया कि पथियालू स्कूल में 32 बच्चे पढ़ रहे हैं.
ये भी पढ़ें- शिक्षामंत्री ने फिजिकल टीचर के छुए पैर, छात्रों ने गुरु को दी ऐसी विदाई कि हर कोई भावुक
टीचर का ट्रांसफर जल्द से जल्द रद्द करने की मांग
अभिभावकों ने बताया कि उन्होंने बच्चों को निजी स्कूल से निकालकर सरकारी स्कूल में एडमिशन कराया था, क्योंकि ये टीचर बच्चों को बहुत अच्छा पढ़ाते हैं. इससे सरकारी स्कूल में छात्रों की संख्या भी बढ़ गई है. स्कूल की छात्रा राबिया और रितिका ने बताया कि उन्होंने निजी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूल में एडमिशन लिया था, ताकि अच्छे से पढ़ाई कर सकें. लेकिन यहां के अध्यापक का ट्रांसफर हो गया है. जिसके चलते वह स्कूल नहीं आना चाहते. उन्होंने सरकार से मांग की है कि अध्यापक का ट्रांसफर जल्द से जल्द रद्द किया जाए.
बच्चे भी स्कूल जाने से कर रहे हैं मना
एसएमसी प्रधान मोनिका ने बताया कि स्कूल के अध्यापक का ट्रांसफर होने से अब बच्चे भी स्कूल नहीं जाना चाहते और अभिभावक भी इससे परेशान हैं. उन्होंने बताया कि जब सरकार ने अध्यापकों के तबादले रोक रखे हैं, तो फिर इस महीने अध्यापक का ट्रांसफर कैसे हो गया. उन्होंने बताया कि लोगों ने अपने बच्चों को निजी स्कूलों से निकालकर सरकारी स्कूल में डाल दिया था. लेकिन अब तबादले के बाद बच्चे भी स्कूल जाने से मना कर रहे हैं.
मामले में शिक्षा उपनिदेशक ने कही ये बात
शिक्षा उपनिदेशक प्राथमिक अशोक कुमार का कहना है कि अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यापक का ट्रांसफर रद्द करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है. इस संबंध में शिमला निदेशालय को लिखित पत्र भेजा गया है. जैसा शिमला से निर्देश आएंगे, वैसा किया जाएगा.