Board Exam 2021: देश में दोबारा पैर पसार रहे कोरोना संक्रमण के चलते अब बोर्ड परीक्षाओं पर फिर संकट मंडराने लगा है. गुरूवार 25 फरवरी को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एडप्पादी पलानीस्वामी ने विधानसभा में घोषणा की है कि 2020-21 शैक्षणिक वर्ष के लिए 9वीं से 11वीं तक के छात्रों को बगैर परीक्षा के इंटरनल मार्क्स के आधार पर प्रमोट किया जाएगा.
छात्रों का कहना था कि लॉकडाउन के कारण केवल ऑनलाइन पढ़ाई ही हुई है और क्लासेज़ पढ़ने का मौका नहीं मिला है. ऐसे में शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने यह फैसला किया है.
हालांकि, राज्य सरकार के इस फैसले पर फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन (FePSA) ने आपत्ति दर्ज की है. एसोसिएशन का कहना है कि सरकार आगामी चुनावों के मद्देनज़र पैरेंट्स के वोट पाने के लिए शिक्षा का राजनीतिकरण कर रही है.
राज्य में 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं मई में आयोजित की जानी हैं. 10वीं और 12वीं की क्लासेज़ 18 जनवरी से शुरू की जा चुकी हैं जबकि 9वीं और 11वीं की क्लासेज़ 08 फरवरी से शुरू कर दी गई हैं.
अन्य राज्यों में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों के लिए स्कूल खोले जा रहे हैं. बिहार में 01 मार्च से सभी क्लासेज के लिए स्कूल खुल रहे हैं जबकि 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं भी जारी हैं. CBSE बोर्ड परीक्षाएं देशभर में 04 मई से शुरू होनी हैं.
महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के मामले सबसे तेजी से बढ़ रहे हैं जिसके चलते पुणे में स्कूल खोले जाने के बाद फिर बंद कर दिए गए हैं. हालांकि, शनिवार 27 फरवरी को बोर्ड परीक्षाओं की डेट्स जारी कर दी गई हैं. जारी डेटशीट के अनुसार, 12वीं और 10वीं की परीक्षाएं क्रमश: 23 अप्रैल और 29 अप्रैल से शुरू होंगी.