BPSC Protest Update: जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर बीपीएससी छात्रों के समर्थन में अभी भी अनशन पर हैं. खबर है कि पटना में चल रहे आंदोलन के बारे में अपनी रणनीति जल्द ही घोषित करने वाले हैं. जानकारी के मुताबिक, जमानत मिलने के बाद प्रशांत किशोर अपने पटना स्थित आवास पर लौट आए हैं लेकिन हाल ही में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया है.
तबीयत बिगड़ने के बाद हॉस्पिटल पहुंचे प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर को पटना के अस्पताल ले जाया गया है. डॉक्टर ने उनकी तबीयत के बारे में जानकारी दी है. उनके गले में तकलीफ है. अस्पताल जाने से पहले प्रशांत किशोर ने कहा कि उनका आमरण अनशन जारी रहेगा. वह केवल पानी पी रहे हैं. बता दें कि आज सत्याग्रह समिति की बैठक हुई है और इसमें तय हुआ है कि आंदोलन जारी रहेगा. दूसरी ओर, अभी भी कई छात्र अपनी मांगों को लेकर पटना में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं.
गांधी मैदान में नहीं हो सकेगा आंदोलन
वहीं, पटना पुलिस के अनुसार, गांधी मैदान में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है. अगर प्रदर्शन करना है तो सभी को गर्दनीबाग में स्थल जाना होगा. अगर आंदोलनकारी ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाई हो सकती है. अब आंदोलन को लेकर प्रशांत किशोर की रणनीति क्या होगी, इसको लेकर वह जल्द ही घोषणा करेंगे.
सुबह 4 बजे गिरफ्तार किए गए थे प्रशांत किशोर
बता दें किशोर को 6 जनवरी की सुबह बिहार पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था. इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था, जहां उन्हें सशर्त जमानत मिली थी. हालांकि, उन्होंने सशर्त जमानत लेने से मना कर दिया था. जिसके बाद उन्हें जेल भेजा गया था. बिना शर्त जमानत मिलने के बाद अब प्रशांत किशोर बेऊर जेल से रिहा हो गए हैं.
जेल जाने से पहले क्या बोले थे प्रशांत किशोर?
प्रशांत किशोर ने कहा था, 'रुकना नहीं है, अगर रुकेंगे तो इनका (सरकार) का मन बढ़ जाएगा इसलिए बेल भी नहीं लेंगे और अनशन भी नहीं तोड़ेंगे. प्रशासन को जो करना है करने दीजिए, ये लोग (प्रशासन) सोच रहे थे कि उठाकर यहां लाएंगे, बेल दिला देंगे और बात खत्म हो जाएगी.'
बिहार में बवाल क्यों?
13 दिसंबर 2024 को बीपीएससी 70वीं पीटी परीक्षा आयोजित की गयी थी. पटना के बापू केंद्र पर प्रश्न पत्र मिलने का आरोप लगाकर अभ्यर्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया था. इसको लेकर बवाल भी हुआ था. इसके बाद आयोग ने इस केंद्र की परीक्षा रद्द कर दी. 4 जनवरी को परीक्षा लेने की घोषणा की थी. लेकिन छात्रों ने कहा कि एक नहीं बल्कि पूरे बिहार के केंद्र की परीक्षा रद्द की जाए.