केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) अपनी परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है. सीबीएसई ने फैसला लिया है कि 2026 से कक्षा 10वीं के लिए बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी. अगर कोई छात्र बीमार हो जाता है या फिर किसी कारणवश उसका एग्जाम छूट जाता हो तो वे दोबारा परीक्षा दे सकता है. जल्द ही इसका ड्राफ्ट जारी किया जाएगा, जिस पर लोगों से सुझाव मांगे जाएंगे.
अगले सोमवार को जारी होगी रिपोर्ट
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में CBSE अधिकारियों और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT), केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS), और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की. प्रस्तावित बदलावों की पूरी तरह से समीक्षा की गई और रिपोर्ट के अनुसार, इसे अगले सोमवार को सार्वजनिक कर दिया जाएगा.
रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा गया, "कई प्रयासों का अवसर देने के माध्यम से, CBSE एक ऐसा शिक्षा वातावरण बनाने की कोशिश कर रहा है, जो याद करने के बजाय बच्चों की सोचने की क्षमता और समझ पर ज्यादा जोर देता है". इसके अलावा, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, CBSE 2026-27 शैक्षणिक वर्ष से अपनी 260 विदेशी स्कूलों के लिए एक वैश्विक पाठ्यक्रम भी शुरू करेगा. CBSE इस नए मूल्यांकन मॉडल में सहज रूप से बदलाव लाने के लिए शिक्षक प्रशिक्षण में भी निवेश कर रहा है.
मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इन सुधारों के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि ये एक तनावमुक्त शिक्षण वातावरण बनाने की दिशा में जरूरी कदम हैं. उन्होंने कहा, "परीक्षा सुधार और बदलाव इस दिशा में एक अहम कदम है. यह सुधार परीक्षा संबंधित तनाव को कम करने में मदद करेगा और एक संतुलित मूल्यांकन प्रणाली सुनिश्चित करेगा".
स्कूलों के लिए जारी हुए दिशा-निर्देश
CBSE ने कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं पर प्रतिक्रिया देने वाले स्कूलों के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं. स्कूलों को OECMS पोर्टल पर परीक्षा के दिन फीडबैक अपलोड करना होगा. देरी से दी गई प्रतिक्रियाओं पर विचार नहीं किया जाएगा और CBSE ने स्कूलों को अतिरिक्त सवालों के लिए qpobservation@cbseshiksha.in पर ईमेल करने का निर्देश दिया है.
CBSE ने पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं से संबंधित गलत जानकारी से छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों को सावधान करते हुए एक सलाह जारी की है. बोर्ड ने सभी को केवल आधिकारिक संचार पर ही विश्वास करने की अपील की है. बता दें कि इस साल, 42 लाख से अधिक छात्र भारत और विदेशों में 7,842 केंद्रों पर CBSE बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं.