ओल्ड राजेंद्र नगर में राऊ के आईएएस स्टडी सर्किल में तीन सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों की मौत की जांच कर रही सीबीआई की टीम कोचिंग सेंटर पहुंची है. बुधवार को केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) की टीम के 10 से 13 अधिकारी ओल्ड राजेंद्र नगर के RAU's IAS कोचिंग सेंटर पहुंचे हैं. टीम के अफसर यहां कोचिंग सेंटर के उस बेसमेंट की जांच करेंगे, जहां 27 जुलाई को बारिश का पानी भरने की वजह से तीन यूपीएससी एस्पिरेंट्स की जान चली गई थी.
कोर्ट ने CBI को सौंपी जांच
सीबीआई ने 2 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद FIR दर्ज की, जिसमें “घटना की गंभीरता और इसमें लोक सेवकों द्वारा भ्रष्टाचार शामिल हो सकता है” को ध्यान में रखा गया है. हाईकोर्ट ने केंद्रीय सतर्कता आयोग को समयबद्ध तरीके से सीबीआई जांच की निगरानी के लिए एक सीनियर ऑफिसर की नियुक्त करने को भी कहा है. शुरुआत में दिल्ली पुलिस जांच कर रही थी.
दिल्ली फायर सर्विस पर भी उठे सवाल
Rau’s IAS Study Circle को मंजूरी देने में दिल्ली फायर सर्विस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं. हाईकोर्ट की बेंच ने कहा, "बच्चे कैसे डूबे? आपने अब जांच की है. वे बेसमेंट से बाहर क्यों नहीं आ पाए? यह तुरंत नहीं भरता, बेसमेंट को भरने में कम से कम दो-तीन मिनट लगते हैं, यह एक मिनट में नहीं हो सकता." इस घटना की वजह से इलाके में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों ने विरोध प्रदर्शन किया है. 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने भी तीन उम्मीदवारों के डूबने का स्वत: संज्ञान लिया था.
27 जुलाई को हुआ था हादसा
भारत की राजधानी दिल्ली में यूपीएससी एग्जाम की तैयारी कर रहे तीन छात्रों की शनिवार (27 जुलाई) को उनके कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भर जाने से मौत हो गई. हादसा ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित RAU's IAS कोचिंग सेंटर का है. दो छात्राएं और एक छात्र- चार घंटे से अधिक समय तक बेसमेंट के अंदर फंसे रहे, जब तक उनको रेस्क्यू किया जाता, तीनों की मौत हो चुकी थी.
राऊ IAS कोचिंग मालिक को गिरफ्तार कर चुकी है दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने बताया कि RAU's IAS Study Circle के ऑनर और कोऑर्डिनेटर को गिरफ्तार कर चुकी है. समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए एक छात्र ने कहा, 'एमसीडी और कोचिंग संस्थान दोनों दोषी हैं, उन्हें संयुक्त रूप से उत्तरदायी ठहराया जाना चाहिए.' एक अन्य छात्र ने एएनआई को बताया कि लगभग 20-25 छात्र कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में फंसे हुए थे. ज्यादातर खुद के प्रयासों से बाहर निकले और कुछ छात्र अंदर ही फंसे रह गए थे.
बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने इस हादसे पर कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई और जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा है. कोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और पूरी जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखी जाए.