Delhi School Summer Vacation Update: अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित माता-पिता दिल्ली सरकार से स्कूल टाइमिंग में बदलाव करने या गर्मी की छुट्टियों को प्रीपोन करने का आग्रह कर रहे हैं. चिलचिलाती गर्मी और कोरोना के मामलों में वृद्धि को देखते हुए, विभिन्न स्कूलों ने पहले ही आउटडोर एक्टिविटीज़ में कमी की घोषणा की है. हालांकि, माता-पिता अभी भी यह कह रहे हैं कि अत्यधिक गर्मी की स्थिति में बच्चों के लिए स्कूल का समय ठीक नहीं है.
अन्य राज्यों में संशोधित हुआ है समय
सोमवार को, हरियाणा सरकार ने मौजूदा गर्मी की स्थिति को देखते हुए राज्य भर में स्कूलों के समय में संशोधन करने की घोषणा की है. 04 मई से कक्षा 1 से 12 के लिए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के लिए समय को संशोधित कर सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया गया, जबकि दिल्ली में अभी तक इस तरह के उपायों की घोषणा नहीं की गई है.
पीक हीट आवर्स के दौरान बाहर के छात्र
दिल्ली पैरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष अपराजिता गौतम ने न्यूज़ एजेंसी से कहा, 'एक तरफ केंद्र ने धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी है, खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच, लेकिन दिल्ली में ज्यादातर स्कूलों का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच है. छात्र दोपहर 3 बजे तक घर पहुंचते हैं. इसका मतलब है कि गर्मी के पीक घंटों के दौरान, छात्र धूप में बाहर होते हैं, जो वास्तव में खतरनाक है. हम दिल्ली सरकार से अनुरोध करते हैं कि या तो अन्य राज्यों की तरह स्कूल के समय में संशोधन करें या गर्मियों की छुट्टियां पहले से कर दें."
बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर पैरेंट्स चिंतित
एक बच्चे के पिता सुनील जोशी ने कहा, "मेरे बच्चे का स्कूल अटेंडेंस में छूट की सुविधा दे रहा है, लेकिन हम बच्चों को फिर से स्कूल जाने से नहीं रोकना चाहते क्योंकि उन्होंने अभी स्कूल जाना शुरू ही किया है. इसलिए, इस मामले में स्कूल के समय का संशोधन ही सबसे अच्छा समाधान है."
एक अन्य पिता नीरू, जिनके दो स्कूल जाने वाले बच्चे हैं, उन्होंने कहा, "दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ने के बावजूद, मैं अपने दोनों बच्चों को स्कूल भेज रहा था क्योंकि पहले से ही बहुत पढ़ाई की हानि हो चुकी है. लेकिन इस गर्मी से कैसे निपटें. बच्चे बीमार पड़ रहे हैं. सरकार को कुछ एडवाइजरी जारी करनी चाहिए. कम से कम आउटडोर एक्टिविटीज़ को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए."
केंद्र सरकार जारी कर चुका है एडवाइज़री
देश भर में लू की स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि वे पर्याप्त मात्रा में पीने के पानी की पूर्ति सुनिश्चित करने के अलावा आवश्यक दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता के लिए अपनी स्वास्थ्य सुविधा की तैयारियों की समीक्षा करें. इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने नागरिकों को विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में बाहर जाने से बचने की सलाह दी थी.