दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज में नॉन-वेज पर बैन से विवाद खड़ा हो गया है. यहां छात्रों ने हॉस्टल में नॉन वेज बैन पर एतराज जताया है. वहीं, कॉलेज की प्रिंसिपल, प्रोफेसर रमा ने इसे पुराना आदेश बताया है. उनका कहना है कि कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के समय हंसराज कॉलेज ने ऑफलाइन पढ़ाई फिर से शुरू होने के बाद कैंटीन या हॉस्टल में छात्रों को नॉन-वेज खाना देना बंद कर दिया था.
दरअसल, कॉलेज के सेकंड ईयर के एक छात्र ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'पहले नॉन-वेज खाना परोसा जाता था, लेकिन अचानक नॉन-वेज खाना और अंडे बंद कर दिए गए. दक्षिण से आए छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. क्योंकि उन्हें नॉन-वेज खाने की आदत है.'
वहीं, हंसराज कॉलेज की प्रिंसिपल, प्रोफेसर रमा ने कहा, 'मुझे ठीक से याद नहीं है कि कब मांसाहारी भोजन परोसना बंद किया गया था. यह 3-4 साल पहले की बात है, लेकिन कमेटी ने फैसला लेने से पहले छात्रों से बात की होगी और फिर नॉन-वेज बंद करने का फैसला लिया होगा.'
Delhi University's Hansraj College has stopped serving non-vegetarian food to students in the canteen or hostel after the offline mode of study resumed after the Covid pandemic (14.01) pic.twitter.com/BDXC0fmolY
— ANI (@ANI) January 15, 2023
कॉलेज प्रिंसिपल ने आगे कहा कि केवल वेजिटेरियन भोजन देने के फैसले के खिलाफ प्रशासन को कोई शिकायत नहीं मिली. किसी छात्र ने इसकी शिकायत नहीं की है. जो छात्र नॉन-वेज खाना चाहते हैं, वे इसे बाहर जाकर खा सकते हैं क्योंकि इस पर कोई रोक नहीं है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हमारे कॉलेज की कैंटीन में कभी भी मांसाहारी खाना नहीं दिया जाता था.