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अभी नहीं होगी DUSU चुनाव की मतगणना, HC ने कहा- उम्मीदवार खुद उठाएं साफ-सफाई का खर्चा, भेजा समन

दिल्ली हाईकोर्ट ने डूसू चुनाव की मतगणना पर 28 अक्टूबर तक रोक जारी रखी है. 16 उम्मीदवारों को शहर की दीवारों पर पोस्टर चिपकाने और गंदगी फैलाने के आरोप में तलब किया गया है. कोर्ट ने दीवारों की सफाई का खर्च भी इन्हीं प्रत्याशियों को उठाने का निर्देश दिया है. डूसू चुनाव में 35.21% मतदान हुआ था, लेकिन वोटों की गिनती और परिणाम की घोषणा पर हाईकोर्ट की रोक लगी हुई है.

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High Court on DUSU Election Result
High Court on DUSU Election Result

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव की मतगणना पर दिल्ली हाईकोर्ट की रोक 28 अक्टूबर तक जारी रहेगी. कोर्ट ने सभी उम्मीदवारों को अदालत में उपस्थित होने के लिए तलब किया है. कोर्ट ने यह कार्रवाई शहर के विभिन्न स्थानों पर दीवारों पर पोस्टर लगाकर गंदगी फैलाने के मामले में की है. दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव में भाग लेने वाले 16 प्रत्याशियों को इस संबंध में नोटिस जारी करते हुए अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है.

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अभी नहीं जारी होंगे DUSU चुनाव के नतीजे

इन प्रत्याशियों को 28 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है. अगले आदेश तक दिल्ली छात्रसंघ चुनाव की मतगणना पर रोक जारी रहेगी. पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रत्याशियों द्वारा लगाए गए पोस्टरों को हटाए जाने तक मतगणना और चुनाव परिणामों की घोषणा पर रोक लगा दी थी. हाईकोर्ट ने इस रोक को जारी रखा है.

MCD ने कही ये बात

सुनवाई के दौरान MCD ने हाईकोर्ट को बताया कि शहर की दीवारों से पोस्टर और पेंट हटाने के लिए उसे लाखों रुपए खर्च करने होंगे. जबकि अदालत का कहना है कि दीवारों को गंदा करने वाले प्रत्याशी ही सफाई का खर्च उठाएं. हालांकि विश्वविद्यालय कैंपस में अधिकतर जगहों से पोस्टर और रंगी दीवारें साफ की गई हैं लेकिन अभी भी कई जगह प्रचार के रंग रोगन और पोस्टर बैनर लगे ही हैं.

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बता दें कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र नेताओं और हजारों छात्रों को नए पैनल (अध्यक्ष पद, उपाध्यक्ष पद, सचिव और संयुक्त सचिव पद) के ऐलान का इंतजार है. वोट पाने के लिए इलेक्शन कैंपेन में लाखों रुपये 'फूंक' देने और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान पर सख्ती दिखाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने छात्र संघ चुनाव नतीजे पर रोक लगाई हुई है.

इस बार 35.21% रहा वोट प्रतिशत

दरअसल डूसू चुनाव के मतदान 27 सितंबर को हुए थे. इस बार नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव का चुनाव करने के लिए दोनों शिफ्टों को मिलाकर कुल वोट प्रतिशत 35.21% रहा. कुल 1 लाख 46 हजार वोटरों में से सिर्फ 51 हजार 400 ने ही वोट डाला है. वोटिंग दो शिफ्टों में हुई थी. मॉर्निंग शिफ्ट में 1 लाख 23 हजार 500 छात्रों में से 44 हजार 300 ने वोट डाले. मॉर्निंग शिफ्ट में वोटिंग प्रतिशत 34.46% रहा. दूसरी ओर, इवनिंग शिफ्ट में 17,386 छात्रों में से केवल 7,087 ने वोट किए, जो कि 40.76% रहा. नतीजे 28 सितंबर को जारी होने थे.  

हाई कोर्ट ने दिया था 'गलती सुधारने' का मौका

नतीजे जारी होने से पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा दखल देते हुए वोटों की गिनती और नतीजे घोषित करने पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने कहा था कि जब तक सार्वजनिक संपत्तियों पर लगे उम्मीदवारों के पोस्टर, बैनर, होर्डिंग्स आदि हटा नहीं लिए जाते. डूसू चुनाव में बड़ा दखल देते हुए हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा था कि चुनाव प्रक्रिया जारी रह सकती है, लेकिन मतगणना तब तक नहीं होगी, जब तक अदालत इस बात से संतुष्ट नहीं हो जाती कि संपत्ति को खराब करने वाली चीजें हटा दी गई है. 

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