scorecardresearch
 

मनुस्मृति और CUET रिजल्ट में देरी पर दिल्ली विश्वविद्यालय के VC का बयान, बोले-संविधान से कोई नाता नहीं

दिल्ली यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग में मनुस्मृति पढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा जाता उससे पहले ही वाइस चांसलर ने इसे रद्द कर दिया.

Advertisement
X
मनुस्मृति पर VC ने दिया बयान
मनुस्मृति पर VC ने दिया बयान

मनुस्मृति और CUET रिजल्ट में देरी पर दिल्ली विश्वविद्यालय के VC योगेश सिंह का बयान आया है. उन्होंने मनुस्मृति पर कहा कि जब एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग होती है तो ये प्रपोजल वीसी तक आता है, हमें लगा इसकी कोई ज़रूरत नहीं है. बिना वजह ये डाला गया. उन्होंने कहा कि मनुस्मृति मैंने नहीं पढ़ी, लेकिन अगर समाज को इससे ठेस पहुंचती है तो ऐसी चीजें करके क्या हासिल हो सकता है. जहां तक संविधान की बात है, इसका संविधान से कोई नाता नहीं है, क्योंकि संविधान एक अलग संदर्भ में देश के लिए बनाया गया है.

Advertisement

वीसी ने कहा कि जब 500 से ज़्यादा रियासतें जोड़ी गई तो संविधान ने इस देश की एकता और अखंडता को सुनिश्चित किया है. हमारे एडमिशन शुरू हो गए हैं, उन कोर्स के लिए इनमें एडमिशन CUET से नहीं होते. लॉ, jee mains की क्लास 1 अगस्त से शुरू हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है रिजल्ट आने में देर होगी तो एडमिशन प्रोसेस तेज़ करनी पड़ेगी. 

उन्होंने कहा कि मैं एकेडमिक ईयर से साल में दो बार CUET परीक्षाएं करवाना चाहूंगा. उम्मीद है, ऐसा किया जाएगा. अगर एक परीक्षा अच्छी नहीं हुई तो छात्रों को फिर से मौका मिलना चाहिए.

दिल्ली यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग में मनुस्मृति पढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा जाता उससे पहले ही वाइस चांसलर ने इसे रद्द कर दिया. लॉ स्टूडेंट को मनुस्मृति पढ़ाने के प्रस्ताव को ना मंजूर करते हुए वीसी प्रोफेसर योगेश सिंह ने कहा मनुस्मृति से जुड़ा कोई भी चैप्टर स्टूडेंट्स को नहीं पढ़ाया जाएगा. कांग्रेस ने इस प्रस्ताव को रखने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

Advertisement

मनुस्मृति का प्रस्ताव रखने वालों के खिलाफ मुकदमे की मांग
विपक्ष में बैठी कांग्रेस इस बात पर पूरी तरह से हमलावर है. कांग्रेस SC डिपार्टमेंट के चीफ राजेश लिलोठिया ने कहा कि "बाबा साहब अंबेडकर के संविधान को अगर इस तरह से बार-बार छेड़ने का प्रयास करेंगे तो इस देश के अंदर हर संविधान रक्षक और नागरिक इसका विरोध करेगा. मुंहतोड़ जवाब देगा और प्रदर्शन पूरे देश में जारी रहेगा हम संतुष्ट नहीं हैं. इस प्रपोजल को वापस लिया है या विड्रॉ किया है हम उनकी बात पर विश्वास नहीं करते. हम चाहते हैं कि जिन लोगों ने प्रस्ताव किया है फैकल्टी के लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो मुकदमा दर्ज हो उनको सजा मिले ताकि भविष्य के लिए यह लोग इस तरह का प्रयास न करें'.

Live TV

Advertisement
Advertisement