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GPSC चेयरमेन हसमुख पटेल के नाम पर ठगी, फेक टेलीग्राम बनाकर चार गुना रिटर्न का लालच देकर युवाओं से मांगे पैसे

6 दिसंबर को हसमुख पटेल द्वारा किए गए एक ट्वीट के बाद, किसी अज्ञात व्यक्ति ने ट्विटर पर कमेंट करते हुए इस फर्जी टेलीग्राम चैनल का लिंक शेयर किया और बताया कि हसमुख पटेल के नाम से एक टेलीग्राम चैनल है जहां चार गुना रिटर्न का ऑफर दिया जा रहा है. इस मैसेज को देखकर कई युवा उम्मीदवारों ने इस चैनल से संपर्क किया और निवेश करने की योजना बनाई.

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GPSC Chairman Hasmukh Patel Fake Telegram Channel
GPSC Chairman Hasmukh Patel Fake Telegram Channel

गुजरात लोक सेवा आयोग (GPSC) के अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी हसमुख पटेल के नाम का इस्तेमाल करके एक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. अज्ञात अपराधियों ने हसमुख पटेल के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर एक फर्जी टेलीग्राम चैनल बना लिया था. इस चैनल पर निवेश करने के बदले युवाओं को चार गुना रिटर्न का लालच दिया जा रहा था. इस धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद, गुजरात लोक सेवा आयोग के डिप्टी सेक्शन ऑफिसर ने गांधीनगर के सेक्टर 21 पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई है.

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किस तरह हुआ धोखाधड़ी का खेल?

हसमुख पटेल सोशल मीडिया प्लेटफार्मों जैसे फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब के माध्यम से सरकारी भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं. उनकी पहचान पहले से ही युवाओं के बीच एक विश्वसनीय मार्गदर्शक के रूप में स्थापित हो चुकी है लेकिन अब इसी विश्वास का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम से एक फर्जी टेलीग्राम चैनल बना लिया, जिसका लिंक और यूजर आईडी हसमुख पटेल से मेल खाते थे.

डमी टेलीग्राम चैनल का नाम 'Hasmukh Patel' रखा गया था, और इसका लिंक था [t.me/Hasmukhatelips](t.me/Hasmukhatelips), जबकि यूजर आईडी @HasmukhPatel1 और न्यूमेरिक आईडी 7834900438 थी. इस चैनल पर निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक मैसेज डाला गया, जिसमें दावा किया गया था कि यहां रुपये निवेश करने पर चार गुना रिटर्न मिलेगा.

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ट्वीट पर शेयर की जानकारी

6 दिसंबर को हसमुख पटेल द्वारा किए गए एक ट्वीट के बाद, किसी अज्ञात व्यक्ति ने ट्विटर पर कमेंट करते हुए इस फर्जी टेलीग्राम चैनल का लिंक शेयर किया और बताया कि हसमुख पटेल के नाम से एक टेलीग्राम चैनल है जहां चार गुना रिटर्न का ऑफर दिया जा रहा है. इस मैसेज को देखकर कई युवा उम्मीदवारों ने इस चैनल से संपर्क किया और निवेश करने की योजना बनाई, लेकिन जैसे ही मामला सामने आया, हसमुख पटेल के असली सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इस फर्जी चैनल के बारे में जानकारी दी गई और लोगों को सचेत किया गया.

एफआईआर और पुलिस की कार्रवाई

गांधीनगर के सेक्टर 21 पुलिस स्टेशन में डिप्टी सेक्शन ऑफिसर कार्तिक पटोलिया ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और टेलीग्राम चैनल के डिटेल्स एकत्र करके टेक्निकल एनालिसिस की मदद से अपराधी का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. हसमुख पटेल के द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने डमी चैनल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

1993 बैच के आईपीएस हैं हसमुख पटेल

हसमुख पटेल का मूल निवास बनासकांठा जिले में है और वह 1993 बैच के गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. अपने करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवा दी हैं. पुलिस अधीक्षक के रूप में उन्होंने प्रोहिबिशन, सूरत, पोरबंदर, वलसाड और भावनगर रेलवे में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं. इसके अलावा, DIG और IGP के पदों पर रहते हुए उन्होंने सूरत रेंज, गांधीनगर रेंज, एंटी करप्शन ब्यूरो और स्टेट मॉनिटरिंग सेल में भी कार्य किया है. उनकी यह बहुआयामी प्रशासनिक क्षमता और अनुभव उन्हें एक सक्षम और कुशल अधिकारी के रूप में प्रतिष्ठित करती है.

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हसमुख पटेल का सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना और खासतौर से परीक्षार्थियों के सवालों का जवाब देना और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखना उनकी पहचान का हिस्सा बन गया है. उनके इस व्यवहार से युवाओं में उनके प्रति गहरा विश्वास और आदर है.

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