जादवपुर विश्वविद्यालय रैगिंग मामले में चल रही जांच के बीच, जिसके कारण छात्रावास में एक छात्र की मौत हो गई, डॉ. सीवी आनंद बोस रैगिंग को खत्म करने का समाधान खोजने के लिए इसरो के पास पहुंचे. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति डॉ. सी.वी. आनंद बोस ने विश्वविद्यालय परिसरों में रैगिंग के खतरे को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने और खत्म करने के लिए उपयुक्त तकनीक की पहचान करने के लिए इसरो के अध्यक्ष सोमनाथ से संपर्क किया.
चंद्रयान मिशन की सफलता के बाद इसरो ने पश्चिम बंगाल में विश्वविद्यालय परिसरों में रैगिंग को रोकने के लिए उन्नत तकनीक के समर्थन की पेशकश की है. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति डॉ. सी.वी. आनंद बोस ने विश्वविद्यालय परिसरों में रैगिंग के खतरे को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने और खत्म करने के लिए उपयुक्त तकनीक की पहचान करने के लिए इसरो के अध्यक्ष सोमनाथ से संपर्क किया.
राज्यपाल आनंदबोस ने इस संबंध में ADRIN हैदराबाद से भी चर्चा की. वे वीडियो एनालिटिक्स, इमेज मैचिंग ऑटोमैटिक टारगेट और रिमोट सेंसिंग जैसे कई स्रोतों का उपयोग करके एक उपयुक्त प्रौद्योगिकी समाधान विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं. इस पूरे मामले को आगे ले जाने के लिए जादवपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति को अधिकृत किया गया है.
रैगिंग प्रिवेशंन सेल भी निभार ही जिम्मेदारी
बता दें कि इससे पहले कोलकाता पुलिस ने पहले रैगिंग रोकने के लिए एक हेल्पलाइन शुरू की थी. इस बार शासन की ओर से जिले में 'रैगिंग प्रिवेंशन सेल' शुरू की गई हैं. इस सेल में प्रत्येक जिले के अतिरिक्त जिला आयुक्त शिक्षा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और जिला शिक्षा अधिकारी रहेंगे. कलकत्ता के मामले में, सेल का नेतृत्व उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव करेंगे.
इसके अलावा रैगिंग को रोकने के लिए कई दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं. अगर कोलकाता पुलिस के अंतर्गत रैगिंग की शिकायत आती है तो स्थानीय पुलिस स्टेशन अधिकारी मौके पर जाकर शिकायत की जांच करेंगे. पहला कदम 24 घंटे के भीतर उठाया जाना चाहिए. क्या कदम उठाए गए हैं या उठाए जा रहे हैं इसकी सूचना रैगिंग प्रिवेंशन सेल को दी जानी चाहिए. साथ ही जिस शिक्षण संस्थान में रैगिंग की शिकायत हो उसे 24 घंटे के अंदर बताना होगा कि क्या कार्रवाई की गई है. यानी शिकायत मिलने के 24 घंटे के अंदर पुलिस और शैक्षणिक संस्थानों को रैगिंग प्रिवेंशन सेल को रिपोर्ट देनी होगी.
'I am not gay'... बोलता हुआ बालकनी से गिरा था छात्र
जादवपुर विश्वविद्यालय में छात्र की मौत के बाद पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उसका यौन उत्पीड़न और रैगिंग हुई थी. प्रथम वर्ष के मृतक छात्र को मेन हॉस्टल की दूसरी मंजिल के कॉरिडोर में नग्न घुमाया गया था. इसके कुछ मिनट बाद वो वहां से गिर गया और मौत हो गई.
जांचकर्ताओं ने यह भी पाया है कि विश्वविद्यालय के वर्तमान और पूर्व छात्रों सहित गिरफ्तार किए गए 12 लोगों ने पूरे प्रकरण में सक्रिय भूमिका निभाई थी. पुलिस अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि मृतक छात्र के साथ निश्चित रूप से रैगिंग की गई और यौन उत्पीड़न किया गया. हॉस्टल के कमरा नंबर 70 में उसे कपड़े उतारने के लिए मजबूर करने के बाद उसे गलियारे में नग्न घुमाया गया. हमारे पास सबूत हैं. घटना के अनुसार रैगिंग के दौरान जादवपुर विश्वविद्यालय के फ्रेशर छात्र को अपनी मर्दानगी दिखाने के लिए कहा गया. इसीलिए सीनियर्स ने नग्न परेड कराई थी. मामले में अब रैगिंग अधिनियम की धारा जोड़ी गई है.
सीनियर्स ने डाला मर्दानगी जाहिर करने का दबाव
पुलिस सूत्र का दावा है कि रैगिंग के दौरान मौजूद सभी सीनियर्स ने पीड़ित को समलैंगिक (Gay) कहकर उसका मजाक उड़ाया. जिसके बाद प्रथम वर्ष का छात्र रो पड़ा और बार-बार कह रहा था कि "I am Not Gay, I am Not Gay". उस समय, उससे खुद को समलैंगिक न होने का सबूत देने के लिए अपनी मर्दानगी दिखाने के लिए कहा गया था, जिसके बाद उसे नंगा कर दिया गया और अपनी मर्दानगी जाहिर करने के लिए कहा गया. उसे दूसरी मंजिल की बालकनी में नग्न कर घुमाया भी गया.
...वो सबके सामने बालकनी से कूद गया
पुलिस सूत्र का दावा है कि पूछताछ के दौरान प्रत्येक आरोपी ने दावा किया कि प्रथम वर्ष का छात्र उनके सामने बालकनी से कूद गया. छात्र को नंगा कर बुरी तरह पीटा गया. पुलिस सूत्र का यह भी दावा है कि जांच के दौरान रैगिंग का आरोप साबित हो गया है. इसलिए इससे संबंधित धारा कल जोड़ी गई है. बता दें कि पश्चिम बंगाल शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग निषेध अधिनियम 2000 की धारा 4 जोड़ने की प्रार्थना कल अलीपुर अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई थी. कोलकाता पुलिस की प्रार्थना स्वीकार कर ली गई और न्यायालय द्वारा मामले में रैगिंग अधिनियम की संबंधित धारा जोड़ दी गई है.