बड़ी संख्या में छात्रों के विरोध के बावजूद देशभर में JEE Main 2020 परीक्षा आज से शुरू हो गई है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस परीक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हैं. कहा जा रहा है कोरोना काल में ली जाने वाली ये देश की सबसे बड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षा है.
यहां देखिए कैसे गोवा के पणजी के पैट्टो प्लाजा TCS एग्जाम सेंटर में उम्मीदवार प्रवेश कर रहे हैं. एग्जाम सेंटर के बाहर ही उन्हें मास्क बदलने को कहा गया है. बता दें कि एनटीए के दिशानिर्देश के अनुसार उम्मीदवारों को इस परीक्षा के लिए तीन मास्क दिए जाएंगे, इन्हें पहनकर ही उन्हें ये परीक्षा देनी है. इसके अलावा परीक्षा सेंटर पर ही थर्मल गन के जरिये उनका तापमान चेक किया जा रहा है.
यहां देखें गोवा पणजी का नजारा
#WATCH: Candidates queue up outside TCS at Patto Plaza in Panaji, Goa - designated as an exam centre for #JEEMain. They are being made to discard their masks and are being provided fresh masks after their temperature is checked, in the wake of #COVID19. pic.twitter.com/oekpUNmqlk
— ANI (@ANI) September 1, 2020
बता दें कि इस मौके पर देश भर से कई तस्वीरें सामने आ रही हैं. जहां सोशल डिस्टेंसिंग का फॉलो करते हुए उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों पर पहुंच रहे हैं. इस बार परीक्षा केंद्रों के नियम बदले गए हैं. छात्रों को प्रवेश के लिए एक टाइम स्लॉट दिया गया था. इसके अलावा ए सिंप्टेमेटिक पेशेंट उम्मीदवारों के लिए अलग आइसोलेशन कक्ष की व्यवस्था की गई है. जहां बैठकर वो एग्जाम देंगे.
बता दें कि विभिन्न राज्यों में स्थानीय प्रशासन और सरकारें भी स्टूडेंट्स तक हर संभव मदद पहुंचाने की तैयारियों में लगी हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने भी सोमवार को राज्यों से परीक्षा के संचालन में मदद करने के लिए कहा था. वहीं कुछ नेताओं और छात्रों ने सोमवार तक सरकार और सीजेआई से परीक्षा स्थगित करने की मांग भी दोहराई थी.
छात्रों की ऐसी मिली प्रतिक्रियाएं
इंडिया टुडे से बात करते हुए परीक्षा हॉल में प्रवेश करते समय इंजीनियरिंग छात्रों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी. कुछ ने परीक्षा आयोजित करने के सरकार के निर्णय का स्वागत किया, अन्य ने कहा कि परीक्षाएं स्थगित कर दी जानी चाहिए थीं. कुछ छात्रों ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण उनके मन में डर था. वहीं कुछ छात्रों ने कहा कि उन्हें परीक्षा हॉल तक पहुंचने में किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा.
पिता संजीव ने इंडिया टुडे को बताया, "मेरा बेटा परीक्षा स्थगित होने से तनाव में था. अच्छी बात है अब मेरा परीक्षा दे रहा है, वरना वह अपना एक साल खो देता.
बिस्वाल ने कहा, "हम एक साल भी नहीं गंवा सकते. SOP को समझने के लिए वे काफी परिपक्व हैं. केंद्र के पास उनके प्रोटोकॉल का भी पालन करना है. मैं आज अपनी बेटी को दस्ताने देना भूल गया, लेकिन मुझे यकीन है कि वे अंदर प्रदान करेंगे.
परीक्षा सेंटर पर पहुंचने के लिए नहीं मिला कोई साधन
छात्रों को सबसे बड़ी टेंशन यही थी कैसे परीक्षा केंद्र पर पहुंचा जाए. जहां कुछ राज्यों ने छात्रों को यातायात की सुविधा दी है वहीं कुछ छात्र बड़ी परेशानी से परीक्षा केंद्र पहुंचे हैं. बिहार के छात्र पीयूष का कहना है कि परीक्षा केंद्र तक आने के लिए बस और ऑटो कुछ भी साधन नहीं मिले हैं.