
School Reopen: झारखंड के सरकारी स्कूल 22 महीने बाद शुक्रवार से खुल गए हैं. छोटे-छोटे बच्चों के स्कूल आने से स्कूलों की रौनक लौट आई है. कक्षा-1 से कक्षा-3 तक के ज़्यादातर बच्चे पहली बार स्कूल का मुंह देख रहे हैं. स्कूल के पहले दिन बच्चों को कोरोना संक्रमण और उससे बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई. वहीं, कक्षा 10 के बच्चों ने बताया कि स्कूल के खुलने से उन्हें बोर्ड एग्जाम की तैयारी में काफी सहूलियत मिलेगी.
कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों को स्कूल में आने से पहले सेनिटाइज करवाया गया और फिर स्कैनिंग के बाद अंदर दाखिल किया गया. छोटे बच्चों को क्लास में बिठाने के बजाय एक्टिविटी ज़्यादा करवाई गईं ताकि ताकि उनकी पढ़ाई भी आउटडोर हो जाये. बच्चों को शिक्षकों ने कोरोना संक्रमण और उससे बचाव के तरीकों पर भी जानकारी दी और जागरूक किया.
कंप्यूटर लैब में बाकायदा बच्चों को बैठाकर बड़े स्क्रीन पे एनीमेशन फिल्म के जरिए कोरोना और उससे बचाव पे जानकारी दी जा रही है. कक्षा 10वीं के बच्चे स्कूल आकर बेहद खुश हैं. यहां आने वाले सरकारी स्कूल के बच्चे निम्न माध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं. उनके पास या तो स्मार्टफोन नही होता, या फिर लंबे समय तक क्लास करने के लिए डेटा नही होता. ऑनलाइन क्लासेज़ में उनके डाउट क्लियर नहीं हो पा रहे थे जबकि बोर्ड परीक्षा सर पर हैं. लिहाजा, स्कूल खुल गए हैं तो आरती कुमारी और संतोष कुमारी जैसे विद्यार्थियों को लगता है कि अब बोर्ड परीक्षा की तैयारी आसान हो जाएगी.
स्कूल के शिक्षक भी बेहद खुश हैं. उन्हें भी लगता है कि वे बच्चों पे अब ज़्यादा ध्यान दे पाएंगे. इस सरकारी स्कूल के बच्चों ने बोर्ड परीक्षा में गणित में 100 में से 100 नंबर लाने का रिकॉर्ड बनाया था. लिहाज़ा, शिक्षकों को भी ऑफलाइन पढ़ाना ज्यादा अच्छा लगता है. स्कूल की हेडमिस्ट्रेस शिल्पी ने बताया कि उन्होंने स्कूल में पैरेंट्स को भी बुलाकर बताया है और कॉउंसेलिंग की है कि छोटे बच्चे को कैसे साफ सफाई से तैयार करना है और स्कूल भेजना है.
राज्य में लगभग 40,000 मिडिल स्कूल हैं जबकि 2500 हाईस्कूल हैं. 7 जिले, जिसमे रांची, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला, चतरा, देवघर, सिमडेगा और बोकरो शामिल हैं, यहां सिर्फ 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खोले गए हैं जबकि बाकी 17 जिलों में कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक स्कूल खोल दिए गए हैं.