जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) कैंपस की कई इमारतों को गुरुवार को ब्राह्मण विरोधी नारों से रंग दिया गया. इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर की जा रही हैं. छात्रों ने दावा किया है कि स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज- II भवन की दीवारों को ब्राह्मण और बनिया समुदायों के खिलाफ नारों के साथ पेंट दिया गया था.
वाइस चांसलर ने जारी किया नोटिस
यूनिवर्सिटी VC प्रो. शांतिश्री ने नोटिस जारी कर कहा है कि यूनिवर्सिटी ने इस मामले को गंभीरता से विचार में लिया है कि कैंपस की दीवारों और फैकल्टी रूम्स को अज्ञात तत्वों ने गलत नीयत से बिगाड़ा है. प्रशासन इस घटना की निंदा करता है और ऐसी घटनाओं को JNU में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा क्यों यूनिवर्सिटी सबकी है.
स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़ के डीन को मामले की तुरंत जांच करने का आदेश दिया गया है. JNU अपनी समावेशता के लिए जाना जाता है और घटनाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी.
ABVP ने लगाए आरोप
इस मामले पर ABVP JNU के अध्यक्ष रोहित कुमार ने कहा, 'ABVP कम्युनिस्ट गुंडों द्वारा अकादमिक स्थानों के बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की निंदा करता है. कम्युनिस्टों ने स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज- II बिल्डिंग में JNU की दीवारों पर अपशब्द लिखे हैं.'
दिल्ली पुलिस से की गई शिकायत
इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील विनीत जिंदल ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को शिकायत दर्ज कराई है. दिल्ली पुलिस से मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ IPC की धारा 153A/B, 505, 506, 34 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच करने की मांग की गई है. जिंदल ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है.
शिकायत मे कहा गया है कि JNU राष्ट्रविरोधी और घृणा फैलाने वाली गतिविधियों का केन्द्र बन गया है. ऐसे मे इस शर्मनाक हरकत को अंजाम देने वाले लोगों/ विद्यार्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके ही इसे रोका जा सकता है. लिहाजा पुलिस और JNU प्रशासन मिलकर ऐसे लोगों की पड़ताल कर उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करें.
पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष ने भी की निंदा
पूर्व केंद्रीय मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर को राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. आज उन्होंने अपना पद भार दिल्ली में ग्रहण कर लिया है. उन्होंने जेएनयू में हुई घटना पर कहा है कि 'कौन क्या कहता है यह उसकी विकृत मानसिकता और उसके अंदर का पूर्वाग्रह दर्शाता है. इन बातों से मैं सहमत नहीं हूं कि इस जाति को लेकर के कोई टिप्पणी करना या वॉल पेंट करना ठीक है. इसकी निंदा करनी चाहिए. हर एक व्यक्ति को अपने विचारों को अच्छी भाषा में और संसदीय भाषा में बोलना चाहिए.