Kharkiv Ukraine City: रूस-यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में एक भारतीय छात्र की मौत हो गई है. कर्नाटक के चलागेरी के रहने वाले छात्र नवीन शेखरप्पा ने यूक्रेन के खारकीव में हुई रूसी बमबारी में अपनी जान गंवा दी है. नवीन खारकीव से मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे और उनके जैसे सैकड़ों अन्य छात्र अभी भी संकटग्रस्त खारकीव में फंसे हुए हैं. संघर्ष की शुरुआत से अभी तक खारकीव ही जंग का सबसे बड़ा मैदान बना हुआ है.
वर्जीनिया स्थित रीसर्च एनालिस्ट माइकल कॉफमैन के अनुसार, राजधानी कीव की तरफ बढ़ती रूसी सेना के सामने खारकीव पर कब्जा एक बड़ी चुनौती है. यह शहर अभी भी देश के पूर्वी हिस्से में रूसी सेना को रोके हुए है. कीव के बाद यह देश का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण शहर है. जारी संघर्ष में खारकीव अभी और भयानक मंजर का गवाह बन सकता है. उन्होंने कहा कि खारकीव पर कब्जे का प्रयास इस जंग का सबसे बड़ा खूनी संघर्ष हो सकता है.
खारकीव यूक्रेन का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. देश के उत्तर-पूर्व में यह स्लोबोज़ांशचिना (Slobozhanshchyna) ऐतिहासिक क्षेत्र का सबसे बड़ा शहर है. 1654 में स्थापित खारकीव, यूक्रेन का पहला शहर है जहां सोवियत सत्ता की घोषणा की गई और सोवियत सरकार का गठन हुआ. दिसंबर 1919 से जनवरी 1934 तक, खारकीव यूक्रेनी सोवियत समाजवादी गणराज्य की पहली राजधानी थी, जिसके बाद राजधानी बदलकर कीव में स्थानांतरित हो गई.
वर्तमान में खारकीव यूक्रेन का एक प्रमुख सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और शैक्षिक, परिवहन और औद्योगिक केंद्र है, जिसमें 6 संग्रहालय, 7 थिएटर और 80 पुस्तकालय हैं. यहां की जलवायु ठंडी है. यहां काफी बारिश होती है, यहां तक कि सबसे गर्म महीनों में भी बारिश होती है. खारकीव की अर्थव्यवस्था में उद्योग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. पूरे शहर में सैकड़ों औद्योगिक सुविधाएं हैं, जिनमें मोरोज़ोव डिज़ाइन ब्यूरो और मालिशेव टैंक फ़ैक्टरी (1930 से 1980 के दशक तक विश्व टैंक उत्पादन में अग्रणी) शामिल हैं.
खारकीव यूक्रेन में बेस्ट मेडिकल एजुकेशन के लिए जाना जाता है. भारतीय छात्रों के बीच भी यह मेडिकल की पढ़ाई के लिए पहली पसंद है. यहां थेरेपी डिपार्टमेंट, सर्जरी डिपार्टमेंट, पीडियाट्रिक्स डिपार्टमेंट, जनरल प्रैक्टिस और मेडिकल प्रिवेंटिव डिर्पाटमेंट में कोर्सेज़ उपलब्ध हैं. भारतीय छात्रों के बीच भी यह मेडिकल की पढ़ाई के लिए पहली पसंद में से एक है.
देश के पूर्वी हिस्से पर नियंत्रण के लिए रूसी सेना का खारकीव पर कब्जा महत्वपूर्ण है. यही वह जगह है जहां से यूक्रेन पूरी क्षमता से रूस से लोहा ले रहा है. संभव है कि राजधानी कीव से पहले रूस की सेना खारकीव से यूक्रेन के पैर उखाड़ने का प्रयास करेगी ताकि मानसिक तौर भी यूक्रेनी सेना को हराया जा सके.