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MP पटवारी भर्ती धांधली पर बोली टॉपर की बहन, 'सिर्फ 10 हजार रुपये है पापा की सैलरी'

MP Patwari Exam Scam: पटवारी भर्ती परीक्षा में तीसरी रैंक पाने वाली पूनम राजावत के घर आज तक की टीम पहुंची. यहां पूनम नहीं मिली. लेकिन यहां पूनम की छोटी बहन ने बातचीत में अपने घर की स्थ‍िति पर चर्चा की. बता दें कि इस परीक्षा में मेरिट लिस्ट के लिए 15 लाख घूस देने के आरोप लग रहे हैं. टॉपर की बहन ने इस पर अपनी बात रखी.

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प्रतीकात्मक फोटो (Getty)
प्रतीकात्मक फोटो (Getty)

मध्य प्रदेश पटवारी परीक्षा की पारदर्श‍िता अब सवालों के घेरे में आ गई है. एक ही कॉलेज से परीक्षा देकर मेरिट में नाम दर्ज कराने वाले टॉप 10 में से 7 अभ्यर्थियों की खबर के बाद इस परीक्षा को लेकर विरोध दर्ज किया गया. इस परीक्षा में प्रदेश के तीसरे नंबर की टॉपर पूनम रजावत से मिलने आजतक की टीम ग्वालियर में उनके घर पहुंची.  

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यहां पूजा की मां और उसकी छोटी बहन मिली.  दोनों ने पहले मिलने से मना किया. बाद में पूनम की बहन इंटरव्यू के लिए तैयार हुई. पूनम की बहन रिया राजावत ने बताया कि मेरी बहिन ने तीसरी रैंक हासिल की है और लड़कियों में दूसरी रेंक आई है. मेरी बहन अब धांधली की इन सब खबरों के बाद डिप्रेशन में चली गई है. वो कल ज्ञापन देने भोपाल गई है. वहीं, रास्ते मे उसकी तबियत खराब हो गई है. 

मां को दस साल से कैंसर है
इस परीक्षा को लेकर विपक्ष ने आरोप लगाए हैं कि भर्ती के लिए 15 लाख घूस दी गई है. इस तथ्य पर पूनम की बहन रिया अपने घर की माली हालत की चर्चा करते हुए कहती हैं कि मेरी मम्मी दो साल से कैंसर पीड़ित हैं. उनका सरकारी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है. हम लोगों के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि हम प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करा सके. रिया ने बताया कि हमारा गांव भिण्ड में है और हम सब रहते ग्वालियर में हैं. मेरे पापा एक निजी बैंक में सिक्योरटी गार्ड हैं. 

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पापा को मिलती है 10 हजार रुपये सैलरी 
मेरी बहन ने बीकॉम और एमकॉम किया है.वो बीते तीन साढ़े तीन साल से एग्जाम की तैयारी कर रही थी. इसके लिए उसने इंदौर से ऑनलाइन व पिंटो पार्क से ऑफ लाइन तैयारी की थी. हम घर में तीन भाई बहन हैं. दीदी पूनम सबसे बड़ी हैं फिर मैं और मेरा छोटा भाई हैं. हम सभी अभी पढ़ाई कर रहे हैं. रिया कहती हैं कि जब रिजल्ट आया था तो हम बहुत खुश हुए थे कि हमारे घर खानदान में कोई तो सरकारी नौकरी में गया है.  मगर जब से ये फर्जीवाड़ा सुना है तो पूरे घर में मायूसी छाई हुई है. रिया ने कहा कि मेरे पापा को सैलरी में मात्र दस हजार रुपये मिलते है. मेरी मम्मी उसी में खर्च वगैरह चलाती हैं. पहले मम्मी पार्लर चलाती थी लेकिन बीमारी के चलते बंद हो गया.

टॉपर की बहन से बातचीत

बेसिक सवालों के जवाब नहीं दे पाईं थीं 

15 लाख देकर नियुक्त‍ि पाने के आरोप में पूनम ने लल्लनटॉप से बातचीत की थी जिसमें उन्होंने कहा है कि जिन पर पैसे देने का आरोप है. उनका बेसिक बैकग्राउंड चेक कराइए. अगर आपको लग रहा है कि फर्जी वाड़ा हुआ है तो कार्रवाई कीजिए. मैं चाहती हूं कि जांच हो जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाए. मेरे हिसाब से पहले जांच होनी चाहिए. जांच के आधार पर परीक्षा रद्द होनी या नहीं होनी चाहिए, ये फैसला हो. 

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जिन बच्चों ने मेहनत से इसे पास किया है, उन पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. जिन्होंने किया है, उनकी जांच होनी चाहिए. रिपोर्टर ने जब उनसे आसान से जीएस के सवाल पूछने का अनुरोध किया तो पूनम ने साफ मना कर दिया. उनसे पूछा गया कि कौन सा नर्मदापुरम संभाग में है, ऑप्शन में कटनी, सिहौर, हरदा, रायसेन का नाम दिया गया. लेकिन इसका जवाब उन्हें पता ही नहीं था. मप्र में कितने संभाग हैं, कितने जिले हैं जैसे सवालों पर पूनम ने कहा कि अभी वो इस स्थ‍िति में नहीं हैं. क्या ये सवाल वो बाद में कर सकते हैं. साथ ही कहा कि प्लीज ऐसे सवाल मत कीजिए. 

क्या है पूरा मामला
बीते गुरुवार को पटवारी परीक्षा के परिणाम की घोषणा के बाद आरोप लगाया गया कि ज्यादातर टॉपर वो हैं, जिन्होंने ग्वालियर के एक एग्जाम सेंटर में परीक्षा दी थी. इस पर शक तब और गहराया जब मंडल की तरफ से टॉपर्स की लिस्ट ही जारी नहीं की गई. छात्रों ने मांग की कि टॉपर लिस्ट जारी हो और किसने कहां पेपर दिया है ये भी बताया जाए. 10 जून को टॉपर लिस्ट जारी की गई. तब पता चला कि टॉप 10 में से 7 उम्मीदवारों ने ग्वालियर के एनआरआई कॉलेज एग्जाम सेंटर में परीक्षा दी थी. इसी के बाद परीक्षा पर सवाल उठने लगे. इस मामले में 13 जुलाई को प्रदेश के कई शहरों में छात्रों ने प्रदर्शन किया.

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