NEET PG 2022: सुप्रीम कोर्ट ने आज 13 मई को नीट पीजी परीक्षा स्थगित करने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि अदालत इस समय पर परीक्षा स्थगित नहीं कर सकती क्योंकि इससे देश के अस्पतालों में पेशेंट केयर पर असर पड़ेगा. इसके अलावा अन्य मेडिकल कोर्सज़ जैसे सुपर स्पेशलिटी आदि में भी एडमिशन में परेशानी होगी. कोर्ट के फैसले के बाद अब परीक्षा तय डेट पर 21 मई को ही आयोजित की जाएगी.
इस फैसले से बड़ी संख्या में जूनियर डॉक्टर्स प्रभावित हुए हैं. परीक्षार्थियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा और उन्हें अब बचे हुए थोड़े से समय में अपनी तैयारी कैसे पूरी करनी चाहिए, ये जानने का प्रयास हमने किया दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ बी डब्यू पांडेय और शिक्षाविद् डॉ महबूब अहमद से. दोनो ही कोर्ट के फैसले से सहमत नज़र आए और उन्होंने समय से परीक्षाएं कराने पर भी जोर दिया.
दिल्ली यूनिवर्सिटी के फैकल्टी डॉ पांडेय ने कहा, ''ये कोर्ट का बहुत अच्छा फैसला है. असल में केंद्र सरकार लगातार कोशिश कर रही है की नए डॉक्टर्स को सिस्टम के साथ जोड़ा जाए, लेकिन वो तब ही हो पाएगा जब इस तरह तरह की परीक्षा समय पर होती रहे. हालांकि, काउंसलिंग का एक पार्ट जरूर हैं पर क्योंकि कोर्ट का फैसला है तो अब परिषार्थियो को पूरी तरह से तैयारी में जुटना होगा.
उन्होंने आगे कहा, ''अब क्योंकि कम दिन बचे हैं, ऐसे में सिलेबस को रिवाइज़ करके तैयारी करें. कम से कम 8 से 9 घंटे पढ़ाई करें. अगर कुछ छात्रों ने पहले के पेपर्स को तैयार किया है तो उन पेपर्स का रिवीजन करें. बचे हुए समय में छात्र जिस भी विशेष में खुद को कमजोर मानते हैं, उसके नोट्स बना कर डेली रिवाइज करें. अब हर दिन के हिसाब से सिलेबस को बांटना होगा,और इस हिसाब से पढ़ाई करनी होगी.''
शिक्षाविद डॉ महबूब अहमद ने कहा, ''देखिए वैसे तो यह छात्रों के लिए मुश्किल है, लेकिन क्योंकि कोर्ट का फैसला है तो ऐसे में हम मेहनत करते हुए सबसे पहले पिछले 10 सालो के पेपर्स को सॉल्व करना होगा. इसके अलावा ये ध्यान रखना होगा की कई बार कुछ सवाल आउट ऑफ सिलेबस आते हैं, ऐसे सवालों पर ज्यादा ध्यान नहीं दे केवल सिलेबस पर ही फोकस करें. इसके अलावा चाहे तो कुछ क्रैश कोर्स चलते हैं. इन्हें शॉर्ट टर्म में ज्वाइन कर सकते हैं. ये भी तैयारी करने का एक बेहतर तरीका हो सकता है.