नीट एग्जाम दे चुके उम्मीदवार रिजल्ट जारी होने के बाद भी परेशान हैं. इस साल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पहली बार ऐसे कदम उठाए हैं जिनकी वजह से परीक्षा में अनियमितता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. देशभर के भावी डॉक्टर भीषण गर्मी में सड़कों पर न्याय की मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं. नीट परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट समेत सात हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर हुई हैं. अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है. पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर 8 जुलाई को अगली सुनवाई तय कर दी. इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कुछ छात्रों और उनके अभिभावकों से मुलाकात की. शिक्षा मंत्री का कहना है कि छात्र हमसे बातचीत करके सहज महसूस कर रहे हैं.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "आज जो छात्र हमसे मिलना चाहते थे, मैंने उन्हें बुलाया, उनके अभिभावक भी आए, मैं उनसे मिला. मैंने उनका पक्ष सुना और मैंने उन्हें बेहतर महसूस कराया. सरकार प्रतिबद्ध है, और सभी छात्रों को यह आश्वासन मिलना चाहिए कि एक पारदर्शी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा.'
उन्होंने आगे कहा कि 24 लाख छात्र आवेदक थे, और 23 लाख 30 हजार छात्रों ने परीक्षा दी है, यह स्वाभाविक है, उनके मन में जो भी शंकाएं आती हैं, कुछ मुद्दे मन में आए कि केंद्र में कुछ अनियमितताएं देखी गईं, ग्रेस मार्क्स के लिए समय की कमी के कारण, ग्रेस मार्क्स देने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फॉर्मूले में कुछ आपत्तियां उठाई गईं, उसे भी ठीक कर दिया गया. सुप्रीम कोर्ट ने कल उन्हें फिर से परीक्षा देने की अनुमति दी, उन्हें सूचित कर दिया गया है. जो लोग परीक्षा देना चाहते हैं, वे वहां भी परीक्षा दे सकते हैं.
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केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वे ग्रेस मार्क्स (1563 छात्रों का ग्रेस मार्क्स) रद्द करने के लिए तैयार है. उन्हें फिर से एग्जाम देने या बिना मार्क्स के साथ नीट यूजी की काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने का विकल्प दिया जाएगा. एनटीए 23 जून को री-नीट एग्जाम आयोजित करेगा जिसका एडमिट कार्ड जल्द जारी किया जाएगा. नीट का रिजल्ट 30 जून को जारी किया जा सकता है, जबकि काउंसलिंग प्रक्रिया निर्धारित 6 जुलाई से शुरू होगी.
इससे पहले, नीट परीक्षा परिणाम में अनियमितता की जांच के लिए NTA द्वारा गठित चार सदस्यीय कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि 1563 उम्मीदवारों को दिए गए ग्रेस मार्क रद्द किए जाएं. कमेटी ने इस की सिफारिश की थी. समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस समिति का विचार है कि जीआरसी द्वारा निर्धारित समय की हानि और कंपनसेंट्री अंक प्राप्त करने के लिए मैथेड के इस्तेमाल के परिणामस्वरूप एक विषम स्थिति उत्पन्न हुई और परिणाम का एक अजीब परिणाम सामने आया. यहां यह विषम स्थिति इसलिए उत्पन्न हुई क्योंकि जीआरसी ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि समय की हानि के लिए कंपनसेशन केवल अप्राप्य (अनस्लॉव्ड) प्रश्नों की संख्या तक सीमित होना चाहिए.
इस प्रक्रिया के परिणाम ने एक विवाद खड़ा कर दिया, जिससे छात्र समुदाय में गंभीर नाराज़गी और आक्रोश पैदा हुआ. इस प्रक्रिया का नतीजा ये हुआ कि उम्मीदवारों का एक अलग वर्ग तैयार हुआ, जिन्होंने लाभ प्राप्त किया और यह बाकी उम्मीदवारों के लिए असंगत और अनुचित प्रतीत होता है. इस समिति ने पाया कि, सीबीटी के विपरीत, ओएमआर-आधारित परीक्षाओं में समय मूल्यांकन (परीक्षा के दौरान उम्मीदवार की गतिविधियों का टाइमस्टैम्प) के लिए एक ऑटोमेटेड सिस्टम नहीं होता है.
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जीआरसी ने परीक्षा पदाधिकारियों (शहर समन्वयक, केंद्र) की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित उम्मीदवारों के लिए समय की हानि का निर्धारण किया था जीआरसी ने व्यक्तिगत उम्मीदवारों द्वारा अनुत्तरित प्रश्नों की संख्या सहित मुख्य परिणामी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस तरह के अभ्यास के प्रभाव की जांच किए बिना मार्क्स देने की सिफारिश की.
समिति इस नतीजे पर पहुंची है कि इस मुद्दे का सबसे सही और निष्पक्ष समाधान यही होगा कि उन 1563 उम्मीदवारों को जल्द से जल्द दोबारा परीक्षा देने का अवसर मुहैया कराना. समिति ने अपनी विस्तृत अनुशंसा में कहा है कि-
(i) 04.06.2024 को जारी किए गए सभी प्रभावित (1563) उम्मीदवारों के स्कोर कार्ड रद्द कर दिए जाएंगे और इस प्रकार वापस ले लिए जाएंगे. प्रभावित 1563 उम्मीदवारों को उनके पंजीकृत ईमेल आईडी के माध्यम से उनके वास्तविक स्कोर (ग्रेस मार्क्स के बिना) के बारे में सूचित किया जाएगा.
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(ii) प्रभावित 1563 उम्मीदवारों के लिए पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी. व्यक्तिगत मामलों में न्यायालयों द्वारा पारित री-एग्जाम के निर्देश भी एनटीए द्वारा शामिल किए जाएंगे.
(iii) उन प्रभावित उम्मीदवारों (1563) का परिणाम जो री-एग्जाम में शामिल नहीं होना चाहते हैं, उनका परिणाम 05.05.202 को आयोजित परीक्षा में प्राप्त उनके वास्तविक अंकों (बिना ग्रेस मार्क्स के) के आधार पर घोषित किया जाएगा.