सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच सोशल मीडिया पर भी घमासान देखने को मिल रहा है. कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्विटर पर लिखा कि लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर, मोदी सरकार "उल्टा चोर, कोतवाल को डांटे" वाला ढ़ोंग रच रही है. सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि NEET-UG का पेपर लीक हुआ था. पटना और हज़ारीबाग में लीक हुआ था.
इसके जवाब में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट करते हुए लिखा कि NEET(UG) परीक्षा के विषय पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि परीक्षा की sanctity में systemic breach नहीं पाया गया है. माननीय उच्च न्यायालय ने 2022, 2023 और 2024 के Data Comparison की भी समीक्षा की और किसी प्रकार की कोई विसंगति नहीं पाई. कांग्रेस को भारत सरकार पर तो नहीं पर क्या माननीय उच्च न्यायालय पर भी भरोसा नहीं है? राजस्थान में बीजेपी सरकार आने से पूर्व खटा-खट हुए पेपर लीक क्या खड़गे जी के संज्ञान में नहीं है. अपनी सरकार में हुए पेपर लीक पर खड़गे जी ने मुंह में दही क्यों जमा रखी थी.
खड़गे जी कांग्रेस पार्टी को कोतवाल कह रहे हैं. कांग्रेस पेपर लीक और भ्रष्टाचार की जनक है. भ्रष्टाचार के जनक को कोतवाल कहने से बड़ी विडंबना क्या हो सकती है? देश की जनता ने कांग्रेस को लगातार तीसरी बार नकारा है. लगातार तीसरी बार हार कांग्रेस पचा नहीं पा रही है. राजनीतिक रोटियांं सेकने और तेज़ी से फिसलती हुई अपनी राजनीतिक ज़मीन बचाने के लिए कांग्रेस के पास झूठ, आधा सच और अराजकता एकमात्र सहारा है. खड़गे जी, ना तो आपको, ना आपके नेता राहुल गांधी, ना आपकी पार्टी को विद्यार्थियों के भविष्य की चिंता है.
पढ़िए- कांग्रेस अध्यक्ष का ट्वीट
धर्मेंद्र प्रधान ने आगे लिखा कि आपको केवल अपने और एक परिवार के भविष्य की चिंता है. NEET मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला विद्यार्थियों की नहीं कांग्रेस के गैरजिम्मेदाराना रवैये, कुतर्क और ओछि राजनीति की हार है. Zero-error परीक्षा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की प्राथमिकता है. Tamper-proof परीक्षा के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. कुछ परीक्षाओं को इसलिए स्थगित किया गया. परीक्षा को स्थगित करना क्या पेपर लीक होता है? खड़गे जी, आप एक वरिष्ठ नेता हैं. तथ्यों और सच के साथ ऐसा खिलवाड़, आपकी शुचिता पर एक बड़ा सवाल है. भारत की परीक्षा व्यवस्था की छवि को धूमिल और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद कीजिए.