NEET UG New Merit List: नीट परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एनटीए कैंडिडेट्स की मेरिट लिस्ट फिर से जारी करेगा. 4 जून के घोषित परिणामों में 67 टॉपर्स ने 720 में से 720 अंक प्राप्त किए थे. इनमें 6 कैंडिडेट्स ऐसे थे जिन्हें लॉस ऑफ टाइम की वजह से ग्रेस मार्क्स दिए गए और 44 टॉपर्स ऐसे थे जिन्होंने एक प्रश्न का गलत उत्तर दिया था, जिसके 2 उत्तर थे. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब इन कैंडिडेट्स के स्कोर कार्ड से ग्रेस मार्क्स हटा दिए जाएंगे.
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जब एक प्रश्न के दो उत्तर देने पर बहस चालू हुई तो कोर्ट ने आदेश दिया कि आईआईटी दिल्ली इस भ्रम को दूर करेगी और बताएगी कि असल में सही उत्तर कौनसा है. आईआईटी दिल्ली कि रिपोर्ट में सामने आया कि एनटीए को पहली उत्तर कुंजी जारी की थी उसमें चौथा ऑप्शन सही था और असली उत्तर वही है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, अब एनटीए दोबारा मेरिट लिस्ट जारी कर उन कैंडिडेट्स के स्कोर कार्ड ग्रेस मार्क्स हटाएगा जिन्हें दूसरा ऑप्शन चुनने पर भी ग्रेस मार्क्स दे दिए गए थे. यानी कि अब 44 कैंडिडेट्स ऐसे होंगे जिनके नए स्कोरकार्ड में 720 की जगह 715 नंबर आएंगे. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, 70 ऐसे कैंडिडेट्स हैं जिन्होंने 720 में से 716 अंक प्राप्त किए हैं. इन 44 को अब उनके बाद ही रैंक दी जाएगी.
परीक्षा पद्द होने के बाद धर्मेंद्र प्रधान का बयान
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पत्रकारों से कहा कि एनटीए दो दिन में नई मेरिट लिस्ट जारी करेगा. नीट-यूजी रद्द करने की मांग को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने का स्वागत करते हुए प्रधान ने कहा. "सत्य की जीत होती है, हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हैं. हमने शुरू से कहा है कि हमारी प्राथमिकता देश के छात्र हैं. पिछले दो महीनों में सरकार का रुख़ यही रहा है कि बड़े पैमाने पर कोई उल्लंघन नहीं हुआ है. आज सुप्रीम कोर्ट में यह बात सही साबित हुई. उन्होंने कहा कि सरकार “एनटीए को पारदर्शी, छेड़छाड़-मुक्त, त्रुटि-मुक्त संगठन बनाने” के लिए प्रतिबद्ध है, और “इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी”.
नहीं होगी री-एग्जाम
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा - यूजी (NEET UG) 2024 एग्जाम को लेकर दायर हुई याचिकाओं की सुनवाई देश के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की पीठ द्वारा पूरी कर ली है. पीठ द्वारा उच्चतम न्यायालय में दायर 40 से अधिक याचिकाओं सुनवाई की गई है. इस सुनवाई में कई बिंदुओं पर अभी तक चर्चा हो चुकी है। इसके बाद सीजेआई अपना फैसला सुनाते हुए दोबारा परीक्षा आयोजित करवाने से इन्कार कर दिया है.