
ओडिशा में बढ़ते कोविड-19 मामलों के बीच छात्रों के विरोध के बाद वार्षिक मैट्रिक परीक्षा कैंसिल कर दी गई है. मैट्रिक परीक्षा-2021 को रद्द करने की मांग को लेकर राज्य भर में दसवीं कक्षा के छात्र विरोध कर रहे थे. इसी के चलते ओडिशा सरकार ने बुधवार को वार्षिक मैट्रिक परीक्षा 2021 को रद्द करने की घोषणा की.
स्कूल और मास एजुकेशन मिनिस्टर समीर रंजन दाश ने आज घोषणा की है कि COVID-19 महामारी की स्थिति के मद्देनजर, BSE, ओडिशा द्वारा तीन मई को आयोजित होने जा रही कक्षा 10वीं की परीक्षा रद्द कर दी गई है.
समीर रंजन दाश ने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल और जन शिक्षा विभाग के सभी हितधारकों के साथ बैठकें हुईं. उन्होंने COVID-19 की महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कक्षा-X बोर्ड परीक्षा का आयोजन बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (BSE) ने 3 मई से होना था. ओडिशा स्टेट बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन की 19 मई से होने वाली भी सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गईं.
कक्षा 10 के रिजल्ट संबंधित बोर्डों द्वारा तैयार किए गए मानदंड के अनुसार प्रकाशित किए जाएंगे. अगर परिणामों से किसी भी छात्र की असहमति है तो वो स्थिति में किसी भी सुधार के बाद ही परीक्षा दे सकेंगे.
विशेष रूप से, राज्य सरकार की ओर से लिया गया यह निर्णय विभिन्न सरकार-संचालित उच्च विद्यालयों के सैकड़ों छात्रों को देखते हुए आया था. भुवनेश्वर में शिक्षा मंत्री समीर रंजन दाश से उनके निवास पर छात्रों व अभिभावकों ने मुलाकात की. राज्य में एक दिन में ही कोविड-19 मामलों में भारी वृद्धि हुई है. प्रदर्शनकारी छात्र मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से भी मिले और उनके सामने अपनी मांग रखी. कई प्रदर्शनकारियों ने वन पार्क में सड़क पर धरना दिया.
छात्र कांग्रेस (NSUI) के नेता आलिम मोहम्मद जिन्होंने पहले राज्य में Covid19 मामलों में तेजी के बीच मैट्रिक परीक्षा और मदरसा बोर्ड परीक्षा रद्द करने की मांग की थी. उन्होंने राज्य सरकार द्वारा परीक्षा रद्द करने के कदम का स्वागत किया. 10वीं कक्षा के छात्रों ने बुधवार को मयूरभंज जिला कलेक्टर के कार्यालय के सामने धरना दिया और वार्षिक मैट्रिक परीक्षा 2018 रद्द करने की मांग की.