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11 की उम्र में हुईं हादसे की श‍िकार, 22 की उम्र में जीता गोल्ड मेडल, जानिए कौन हैं Avani Lekhara, परीक्षा पे चर्चा में छात्रों से करेंगी बात

Who is Avani Lekhara: 2012 में एक सड़क दुर्घटना के बाद वे व्हीलचेयर पर निर्भर हो गईं, लेकिन उनके पिता ने उन्हें खेलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से ठीक हो सकें. अवनी ने हार न मानते हुए तीरंदाजी की शुरुआत की, और फिर 2015 में शूटिंग में कदम रखा. उन्हें यह प्रेरणा भारत के पहले ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा से मिली थी.

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Who is Avani Lekhara
Who is Avani Lekhara

Who is Avani Lekhara: आज, 10 फरवरी को दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परीक्षा के चर्चा करेंगे. इस कार्यक्रम में छात्रों से बातचीत करने के लिए पीएम मोदी के अलावा कई हस्तियां शामिल होने वाली हैं. इनमें से एक हैं अवनी लेखरा. बोर्ड परीक्षा से पहले अवनी 10वीं और 12वीं के छात्रों के साथ स्ट्रेस दूर करने और अपनी मंजिल को हासिल करने के कुछ टिप्स शेयर करेंगी. इस बीच आइए जानते हैं कि अवनी लेखरी कौन है.

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अवनी लेखरा ने 22 साल की उम्र में ही दो पैरालंपिक गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट का खिताब अपने नाम कर लिया था. उन्होंने महिला 10 मीटर एयर राइफल (SH1) इवेंट में गोल्ड मेडल जीता और टोक्यो पैरालंपिक्स में अपने ही द्वारा बनाए गए 249.6 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि प्राप्त की थी. अवनी जब 11 साल की थीं तब एक कार दुर्घटना के बाद वह कमर से नीचे के हिस्से में पैरालाइज हो गईं. इसके बावजूद, अवनी ने अपनी मुश्किलों का सामना किया और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ीं.  2021 के टोक्यो पैरालंपिक्स में उन्होंने शूटिंग के क्षेत्र में भारत की पहली महिला शूटर के रूप में पदक जीतकर इतिहास रचा. 

पहले तीरंदाजी और फिर शूटिंग...

2012 में एक सड़क दुर्घटना के बाद वे व्हीलचेयर पर निर्भर हो गईं, लेकिन उनके पिता ने उन्हें खेलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से ठीक हो सकें. अवनी ने हार न मानते हुए तीरंदाजी की शुरुआत की, और फिर 2015 में शूटिंग में कदम रखा. उन्हें यह प्रेरणा भारत के पहले ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा से मिली थी.

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Who is Avani Lekhara

राजस्थान विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई कर रही हैं अवनी

अवनी केंद्रीय विद्यालय 3 (जयपुर) की छात्रा थीं, जहां  उन्होंने शूटिंग के क्षेत्रीय मैच में अपना पहला गोल्ड मेडल हास‍िल किया था. निशानेबाजी में एसएच1 श्रेणी में ऐसे निशानेबाज शामिल होते हैं जिनकी बांहों, निचले धड़, पैरों की गति प्रभावित होती है या उनके हाथ या पैर में विकार होता है. खेल में उनके शानदार प्रदर्शन योगदान के ल‍िए साल 2021 में खेल रत्न पुरस्कार से नवाजा गया था. जो भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान है.  

अवनी ने अपनी मेहनत और खास प्रतिभा से जल्द ही सफलता हासिल की और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई जीत दर्ज की. उन्होंने जूनियर और सीनियर दोनों स्तर पर विश्व रिकॉर्ड बनाए और पैरा शूटिंग में एक स्टार बन गईं. खेल के अलावा, अवनी अपनी पढ़ाई भी पूरी कर रही हैं. वे राजस्थान विश्वविद्यालय में पांच साल के कानून की डिग्री प्रोग्राम में पढ़ाई कर रही हैं, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा और हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने की इच्छा को दिखाता है.

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