राजस्थान सरकार ने राज्य के सबसे बड़े पेपर लीक माफिया सुरेश ढाका को भगोड़ा घोषित कर दिया है. गृह विभाग ने सुरेश ढाका का पता बताने वाले को इनाम देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. माना जा रहा है कि सुरेश नेपाल के रास्ते थाईलैंड भाग गया है. सेकंड ग्रेड टीचर परीक्षा के दौरान, उदयपुर के सुखेर में पेपर लीक करते समय उसके गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था, जिसके बाद वह फरार हो गया. सुरेश ढाका पर अब तक राजस्थान में एक दर्जन से अधिक परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले दर्ज हैं.
फ्लैट और कोचिंग को किया सील
राजस्थान सरकार ने जयपुर स्थित सुरेश ढाका के फ्लैट और सांचौर में उसके गांव की संपत्तियों को सील कर दिया है. जयपुर में उसकी कोचिंग की बिल्डिंग पर बुलडोज़र भी चलाया गया, लेकिन वह अब भी फरार है. भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद राज्य सरकार उसकी संपत्तियों पर कब्ज़ा लेगी. सरकार ने उसके गिरोह के 15 से अधिक सदस्यों को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि सुरेश ढाका के राज्य के बड़े नेताओं से संपर्क रहे हैं, जिनकी वजह से वह लंबे समय तक कानून से बचता रहा. नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने यहां तक आरोप लगाया कि ढाका कई नेताओं का सोशल मीडिया इंचार्ज भी रहा है.
राजस्थान में बीते दस वर्षों में 18 परीक्षाओं में पेपर लीक हो चुके हैं, जिनमें शिक्षक भर्ती और सब-इंस्पेक्टर जैसी बड़ी परीक्षाएं शामिल हैं. सरकार ने अब केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की मदद लेने का फैसला किया है. माना जा रहा है कि सुरेश ढाका की गिरफ्तारी से पेपर लीक माफियाओं के कई बड़े राज सामने आ सकते हैं. इसलिए पुलिस उसे पकड़ने की हर कोशिश कर रही है.
राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कई बार सुरेश ढाका को उसके परिवार के माध्यम से सरेंडर कराने की कोशिश की, लेकिन हर बार उसने जांच एजेंसियों को चकमा दे दिया. इसके बाद राजस्थान सरकार ने उसे भगोड़ा घोषित कर आगे की कार्रवाई करने का निर्णय लिया है. अब उसकी सभी संपत्तियों को राजस्थान सरकार जब्त करेगी.