राजस्थान में हुई रीट परीक्षा में कई कैंडिडेट का एग्जाम इस वजह से छूट गया क्योंकि गूगल मैप ने उन्हें गलत लोकेशन बता दी थी. अलवर के बाबू शोभाराम कला महाविद्यालय के गेट पर एक महिला कैंडिडेट गूगल मेप के कारण देरी से पहुंची. देरी से पहुंचने पर जब महिला को एंट्री नहीं दी गई तो वह फूट-फूट कर रोने लगी. महिला कैंडिडेट का कहना है कि वो 4 साल से रीट परीक्षा की तैयारी कर रही है. परीक्षा के दिन हुई देरी के कारण वो परीक्षा नहीं दे पाई.
राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा रीट का पहला दिन हंगामे दार रहा. परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की लंबी लाइन देखी गई. अभ्यर्थियों को पूरी चेकिंग के बाद बायोमेट्रिक मशीन से एंट्री दी गई. समय से सिर्फ एक मिनेट या कुछ सेंकड की देरी पर ही अभ्यर्थियों को एग्जाम सेंटर पर प्रवेश नहीं दिया गया. अलवर के बाबू शोभाराम कला महाविद्यालय के गेट पर अभ्यर्थी परेशान होते दिखाई दिए. परीक्षा से वंचित रहे अभ्यर्थी व उनके परिजनों ने कहा कि परीक्षा केंद्र पर गूगल मैप से आर रहे थे लेकिन गलत गेट पर पहुंचने से वो परीक्षा से वंचित रह गए.
इस दौरान परीक्षा केंद्र के बाहर अभ्यर्थियों की आंखों से आंसू निकलते हुए दिखाई दिए. परीक्षा केंद्र पर कई अभ्यर्थियों ने कहा कि जब वे घूमकर कॉलेज के गेट पर पहुंचे, तो कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया गया. उत्तर प्रदेश से आई अभ्यर्थी सपना ने रोते व बिखलते हुए कहा कि वे 4 वर्ष से इस एग्जाम की तैयारी कर रही थी लेकिन गूगल मैप की वजह से परीक्षा छूट गई. अलवर तो समय पर आ गए थे लेकिन सही गेट पर नहीं पहुंच पाए.
प्रदेश के अलग-अलग शहरों से इस तरह के हालात नज़र आए. कहीं पर युवा अपने डॉक्यूमेंट की फोटो कॉपी करने के चक्कर में इधर-उधर भटकते दिखाई दिए तो कुछ फोटो बनवाने के लिए स्टूडियो के बाहर काफी देर तक खड़े रहे. कई जगहों पर जांच पड़ताल के दौरान अभ्यर्थियों के कपड़ों पर कैंची चली व महिलाओं के आभूषण उतरवाए गए. परीक्षा के अलग-अलग रंग देखने को मिले. परीक्षा केंद्रों के बाहर सख्ती की गईय पहली बार बायोमेट्रिक और फेस स्कैनिंग व्यवस्था से जांच पड़ताल की गई. सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस के भारी इंतजाम देखने को मिले.
हालांकि अभ्यर्थियों के लिए पहले ही गाइंडलाइंस जारी कर दी गई थीं. गाइडलाइंस में यह बताया गया था कि कैंडिडेट परीक्षा केंद्र पर एग्जाम टाइमिंग से एक घंटा पहले पहुंच जाए साथ ही अपने साथ पासपोर्ट साइज फोटो पहचान पत्र लेकर आएं.